उन्होंने बताया कि अवैध फैक्टरी में अवैध शस्त्र बनाने में हम आधुनिक यंत्रों वेल्डिंग मशीन, उन्नत किस्म का वर्मा आदि का उपयोग करते हैं । प्रतिदिन 25-30 अवैध तमंचे 315 बोर के बनाते हैं। जिसे खरीददार मनोज सिंह व सलीम निवासी पलवल खरीदकर दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा आदि राज्यों में अच्छे दामों पर सप्लाई करते हैं। मनोज सिंह ने बताया कि बबलू व अरशद से अवैध तमंचे 315 बोर खरीदकर पलवल निवासी सलीम के अलावा दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा आदि राज्यों में अपने दूसरे एजेंटों के माध्यम से तमंचों की बिक्री करता है।
एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर ने बताया कि इस मामले में थाना क्वार्सी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें आरोपी बबलू के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है। जबकि अरशद के खिलाफ थाना अतरौली व क्वार्सी में चार मुकदमे दर्ज हैं। जबकि मनोज सिंह के खिलाफ थाना गुन्नौर जनपद संभल, थाना अवागढ़ जनपद एटा, थाना रकाबगंज कमिश्नरेट आगरा समेत चार मुकदमे दर्ज हैं।
खंगाला जा रहा नेटवर्क
तमंचा फैक्टरी चलाते पकड़े गए तीनों आरोपियों के बाद पुलिस व एसटीएफ की दो टीमें इस खरीद-फरोख्त के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। पलवल के खरीददार सलीम समेत अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।