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Aligarh News: पेड़ों पर आम बचाने हैं तो पानी और चूना छिड़कते रहें

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बौर से लदे आम के पेड़। - फोटो : Samvad
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फलों के राजा आम के पेड़ों में बौर खिलने के बाद अब फल आने शुरू हो गए हैं। इनका झड़ना कई किसानों के लिए परेशानियां खड़ी कर रहा है। बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक गर्मी और तेज हवा के चलने से फल झड़ने लगते हैं। इससे बचाने के लिए किसानों को बागों में नियमित रूप से हल्की सिंचाई कर पेड़ के तने की चूने से पुताई कर देनी चाहिए। इससे पेड़ों को समय-समय पर पानी की खुराक मिलती रहती है और फलों को झड़ने से बचाया जा सकता है। इन दिनों बारिश आम के लिए बेहद लाभदायक है।
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कीट का बढ़ने लगा है प्रकोप
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने बताया कि किसान सिंचाई के अलावा फलों को गिरने से बचाने के लिए बोरेक्स दवा को चार ग्राम प्रति लीटर पानी या प्लानोफिक्स चार मिली प्रति नौ लीटर पानी में घोलकर पेड़ों पर छिड़काव करें। उन्होंने बताया कि इन दिनों आम के पेड़ पर गुजिया कीट का प्रकोप बढ़ जाता है। इसे समाप्त करने के लिए किसान इमिडाक्लोप्रिड एक मिली प्रति लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। जिन पेड़ों पर अभी बौर लगे हैं और उसमें सफेद पाउडर जैसा दिखाई दे रहा है तो कॉपर ऑक्सीक्लोराइड तीन ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। दवाओं का छिड़काव सुबह या देर शाम को ही करें। आम के छोटे पौधे में गोंद निकलने की समस्या है तो इसके लिए कॉपर सल्फेट 100 ग्राम प्रति पौधे की दर से प्रयोग करें और मुख्य तने की चूने से पुताई कर दें।
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