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राज को राज रहने दो...आरटीओ में फोटो खींचा या वीडियो बनाई तो होगी जेल

Fri, 30 Oct 2020 01:39 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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आरटीओ ऑफिस में चस्पा किया पोस्टर - फोटो : amar ujala
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संभागीय परिवहन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों के भ्रष्टाचार की करतूत समय-समय जनता के सामने वीडियो-फोटो के जरिए आती रहती है। मगर, अब इसको कैमरे में कैद करने की किसी ने हिम्मत की तो उसको परिवहन विभाग जेल भिजवा देगा। आरटीओ कार्यालय की नई व पुरानी बिल्डिंग में जगह-जगह इस प्रकार के चेतावनी संदेश वाले पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं।

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इन पोस्टरों को लेकर विभाग की सफाई है कि यह आदेश सिर्फ कुछ उन्मादी तत्वों को रोकने के लिए है। वह कार्यालय में आकर फोटो-वीडियो लेकर ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हैं। इधर, शहर विधायक संजीव राजा ने इस आदेश को लेकर विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस प्रकार के आदेश से साफ है कि अधिकारी खुद अपने विभाग के भ्रष्टाचारियों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। परिवहन मंत्री से इस संबंध में शिकायत की जाएगी।

अमर उजाला में प्रकाशित खबर से तिलमिलाए
दरअसल, बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला की ओर से एक खबर प्रकाशित की गई थी, जिसमें एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह के कार्यालय में उनकी कंप्यूटर सीट पर उन्हीं की मौजूदगी में एक बाहरी व्यक्ति बैठकर काम कर रहा था। इससे पहले एक महिला बाबू की रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुई थी। उसकी भी खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई थी। यह तस्वीरें और वीडियो कार्यालय में वाहन संबंधी कार्य लेकर आने वाले आवेदकों द्वारा कैद की गई थी।
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मीडिया के लिए यह आदेश लागू नहीं है। कई बार उन्मादी लोग आकर फोटो/वीडियो लेकर ब्लैकमेल करते हैं। इसको रोकने के लिए यह आदेश चस्पा कराए गए हैं।
- केडी सिंह, आरटीओ प्रशासन

आरटीओ की ओर से जारी आदेश के संबंध में उनसे जवाब तलब करते हुए आदेश के पीछे की स्पष्ट मंशा जानी जाएगी। अगर कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत मांगता है तो पीड़ित को अपनी शिकायत मजबूती से करने के लिए वीडियो या फोटो बतौर सबूत जुटाने की पूरी छूट है।
- जीएस प्रियदर्शी, मंडलायुक्त

आरटीओ कार्यालय में जो भी भ्रष्टाचार हो रहा है। उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, आरटीओ की ओर से फोटो और वीडियो लेने पर कानूनी कार्रवाई का आदेश जारी करना स्वीकार नहीं है। इससे साफ है कि वहां भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश हो रही है। इसकी शिकायत परिवहन मंत्री से की जाएगी।
- संजीव राजा, शहर विधायक

आरटीओ के बाबुओं को नोडल अधिकारी से भी खौफ नहीं
जिले में दो दिवसीय दौरे पर आए नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण को लेकर जिले के सभी विभाग अलर्ट थे। मगर, आरटीओ कार्यालय में कई बाबू 11 बजे बाद भी अपने कार्यालय से गायब थे। इसके चलते वाहन संबंधी कार्यों के लिए आए आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यालय से गायब रहने वालों में रजिस्ट्रेशन पटल पर बैठने वाले बाबू कृष्णकुमार गौतम 11 बजे बाद भी कार्यालय से गायब दिखे। इसके साथ ही लाइसेंस रिन्यूवल व डुप्लीकेट काउंटर से भी कर्मचारी नदारद था।

कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आए आवेदक निरंजन निवासी भगवान गढ़ी ने बताया कि वह 10 बजे कार्यालय में आए थे। उक्त समय कोई भी कर्मचारी यहां नहीं मिला। 11 बजे बाद काउंटर्स पर काम शुरू हुआ। आरटीओ प्रशासन केडी सिंह ने बताया कि समय पर न आने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा।

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