स्कूल के वाहनों की चेकिंग करते आरटीओ के अधिकारी।
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अगर स्कूल वाहन अनफिट है, तो आपके नौनिहाल की जान को खतरा हो सकता है। यह वाहन कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकते हैं। ऐसे वाहनों को कभी भी सड़क से जब्त किया जा सकता है। परिवहन विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को जिस वाहन से स्कूल भेज रहे हैं, उसकी ठीक से जांच-पड़ताल कर लें। कहीं ऐसा तो नहीं कि उस वाहन को परिवहन विभाग ने अनफिट घोषित कर दिया हो। वाहन चलने लायक न हो।
आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि संभागीय परिवहन कार्यालय ने जिले में 400 से अधिक स्कूली वाहन हैं, जिसमें 100 से अधिक वाहनों स्वामियों को वाहन खराब होने संबंधी नोटिस जारी किया है। इन वाहनों की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। दोबारा फिटनेस के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। यदि संचालक फिटनेस नहीं कराते हैं तो वाहन जब्त कर लिया जाएगा। औचक जांच में कई ऐसे स्कूली वाहन सामने आए हैं, जिनकी फिटनेस वैधता समाप्त हो चुकी है। अनफिट वाहनों में बच्चों को स्कूल लाना एवं ले जाना अवैध है।
चालकों का पुलिस सत्यापन होगा
शासन ने स्कूली वाहनों में होने वाले बाल अपराधों और सड़क हादसों की रोकथाम के लिए नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी ने बताया कि शासन ने पुलिस रिकार्ड में खराब चरित्र वाले चालकों द्वारा स्कूली वाहनों को चलाने पर रोक लगा दी है। स्कूली वाहन चालकों का संपूर्ण रिकार्ड एवं पुलिस सत्यापन रिपोर्ट परखी जाएगी। तकनीक निरीक्षण के साथ ही फिटनेस जांची जाएगी। पुलिस रिकार्ड में अगर किसी चालक का चरित्र खराब है तो उसे वाहन चलाने नहीं दिया जाएगा।