राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय (आरएमपी) ने नए शिक्षा सत्र में दाखिले की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए मंडल के सभी 408 डिग्री कालेजों के प्राचार्य से 20 मई तक संबद्धता, स्वीकृत विषय, सीट और शिक्षकों का ब्योरा मांगा है। इनमें से कोई भी एक कमी हुई या निर्धारित समय तक प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किए तो उन्हें दाखिले की प्रक्रिया से वंचित कर दिया जाएगा। जिनके प्रमाणपत्र मिल जाएंगे उनको 25 मई तक दाखिले के लिए तैयार की जा रही वेबसाइट में शामिल कर लिया जाएगा। जिसका तीन दिन ट्रायल होगा, उसी के पश्चात एक जून से 30 जून तक आवेदन मांगे जा सकेंगे
आरएमपी विश्व विद्यालय के कुल सचिव महेश कुमार ने अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज जिलों के सभी डिग्री कालेजों के प्राचार्य को पत्र भेजे हैं। जिनमें कहा है कि वह अपने कालेजों की संबद्धता, शिक्षकों और विषय के अनुमोदन के प्रमाण प्रस्तुत करें। रविवार को मंडल के सभी 408 डिग्री कालेजों की विश्व विद्यालय से संबद्धता की पत्रावली अलीगढ़ आ गईं हैं। अब इनका विवि स्टाफ द्वारा सत्यापन किया जा रहा है, जिसे 20 मई तक पूरा करने के लिए टीम लगाई गईं हैं। पत्रावलियों के आने के बाद इन कालेजों के सभी कार्य अलीगढ़ से ही कराए जा सकेंगे। इस बारे में भी सभी कालेजों के प्राचार्य को अवगत करा दिया गया है।
अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि दाखिले के लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन फीस क्या होगी। इस बारे में कुलपति की अध्यक्षता में विवि शिक्षा परिषद की अहम बैठक अगले सप्ताह होगी। जिसमें दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन फीस, दाखिले के लिए वार्षिक शुल्क तथा सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा की शुल्क क्या रहेगी, इन सभी का निर्धारण होगा। क्योंकि अभी तक इन स्कूलों में फीस डा. भीम राव आंबेडकर विश्व विद्यालय के मानकों के अनुसार ही ली जा रही है। नए सत्र में दाखिले तथा अन्य सभी कार्य आरएमपी विवि के माध्यम से होने के कारण सभी तरह के शुल्क का निर्धारण भी यहीं से होगा।
सभी कालेजों से मान्यता, शिक्षकों और विषयों के अनुमोदन का ब्योरा मांगा गया है। उसी के आधार पर दाखिले के लिए उन्हें ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। इसी लिए सभी कालेजों के प्राचार्य को समय सीमा का पालन करना होगा।
महेश कुमार, कुलसचिव