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आधी रात को गंभीर मरीज आए तो क्या पहले प्रशासन से पूछें : एएमयू

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय। - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना वायरस संक्रमण के दो मामले पाए जाने और मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए जाने के संबंध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट किया है। एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने कहा कि आधी रात को अगर कोई मरीज मेडिकल कॉलेज में आता है तो उसे भर्ती करने के लिए अब क्या जिला प्रशासन की अनुमति लेनी होगी? और क्या मरीज का उपचार शुरू करने से पहले ही डॉक्टर को पता हो जाना चाहिए उसको बीमारी क्या है? जिस मरीज के संबंध में जिला प्रशासन मेडिकल कॉलेज को नोटिस दे रहा है और आरोप लगा रहा है, उस मरीज में सामान्य खांसी, बुखार, सांस लेने में कठिनाई के लक्षण थे। गंभीर अवस्था में आए किसी भी मरीज को भर्ती करना मेडिकल कॉलेज का दायित्व है। जांच में जब उसको कोरोना पॉजिटिव पाया गया तो उसको आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया। यही प्रक्रिया है और इसी का अनुसरण किया गया। नोटिस के जवाब में भी यह बात उल्लेख कर दी जाएगी।
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एएमयू के एमएएस में रोगियों की संख्या सीमित की गई
कोरोना महामारी की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेडिकल अटेंडेंट स्कीम (एमएएस) में उपचार के लिए आने वाले रोगियों की संख्या को सीमित कर दिया है। एमएएस के निदेशक प्रो. हम्माद उस्मानी ने बताया है कि भारत सरकार और जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी व दिशा निर्देशों का पालन करते हुए रोगियों को सामाजिक दूरी बनाये रखने के उद्देश्य से अब एमएएस में प्रतिदिन केवल दो सौ रोगियों को ही देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि दो सौ रोगियों के पंजीकरण के बाद आने वाले रोगियों अगले दिन कार्य दिवस में देखे जाएंगे। प्रो. उस्मानी ने स्पष्ट किया है कि बुखार, फ्लू, खांसी तथा नजले से पीड़ित रोगियों का पहले से ही एमएएस में कोर्ट उपचार नहीं हो रहा है। उन्होंने इन रोगों से पीड़ित रोगियों को जेएन मेडिकल कालेज में चल रही फीवर ओपीडी में जाने की सलाह दी है। प्रो. उस्मानी ने कहा कि एमएएस में केवल हृदय रोग, डायबिटीज व अन्य जटिल रोगों आदि से पीड़ित रोगी ही देखे जाएंगे।
मिर्जा चांदपुर और फैज मस्जिद से मिले जमातियों की फिर होगी जांच
रायबरेली के 33 लोगों के कोरोना जांच की दूसरी रिपोर्ट में पॉजिटिव पाए जाने की घटना से जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रशासन अब अकराबाद के गांव मिर्जा चांदपुर और फैज मस्जिद से मिले जमातियों का फिर से टेस्ट कराने की तैयारी में है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक एहतियातन दोनों युवकों का फिर से टेस्ट कराया जा रहा है। फिलहाल यह दोनों छेरत के लेवल-1 कोरोना अस्पताल में आइसोलेट हैं।
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