समाजवादी पार्टी में मचे घमासान पर स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की नजरें टिकीं हैं। इधर, सोमवार को हाजी जमीरउल्लाह के बारे में आई एक खबर ने चर्चा का बाजार गरम कर दिया है। जिसमें ये कहा गया कि जमीरउल्लाह पाला बदल कर मुलायम खेमे से सीएम अखिलेश यादव के गुट में जा रहे हैं। इस खबर का कोल विधायक ने विरोध किया है।
कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने कहा है कि मैं मुलायम सिंह यादव, समाजवादी पार्टी का झंडा और साइकिल चुनाव निशान के साथ हूं। मुलायम सिंह यादव ने ही मुझे तीन बार विधायक का चुनाव लड़ने का टिकट दिया, जिसमें दो बार मैं विधायक बना और जनता की सेवा की।
अब तीसरी बार चुनाव में जनता के बीच जाने को तैयार हूं। अलीगढ़ वापस पहुंचकर अपनी जनता से रायशुमारी करूंगा। जनता जो फैसला करेगी उसके साथ रहूंगा। कुछ लोगों ने गलत प्रचार कर दिया है कि मैं पाला बदल कर सीएम अखिलेश यादव की तरफ चला गया हूं। ये पूरी तरह से असत्य है। ऐसा कभी नहीं होगा। मैं ताउम्र मुलायम सिंह यादव के साथ ही रहूंगा।
मुलायम दोस्त और अखिलेश पुत्र के समान : नीरज
अलीगढ़। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के परिवार में समाजवादी पार्टी पर अधिकार जताने को लेकर छिड़ी जंग से विख्यात कवि गोपालदास नीरज भी खासे आहत हैं। सपा सरकार से कई सम्मान पाने और उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के अध्यक्ष बनाए गए नीरज जी हर घटनाक्रम की जानकारी कर रहे हैं। मीडिया के अलावा लखनऊ में उनके कुछ मित्रों से भी उन्हें फोन पर जानकारी मिल रही है, लेकिन उन्होंने खुद को इस पूरे घटनाक्रम से अलग कर लिया है। नीरज जी ने कहा है कि मेरे पास कोई राजनीतिक पद नहीं है। मुझे राजनीति से कोई लेना देना भी नहीं है। मेरे लिए सभी नेता सभी पार्टियां एक सामान हैं। हां, इतना जरूर कहूंगा कि मेरे दोस्त मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव के बीच हुए विवाद का पटाक्षेप हो जाए तो मुझे बहुत खुशी मिलेगी। मुझे उम्मीद है दोनों के बीच सामांस्य हो जाएगा। मुलायम सिंह मेरे दोस्त है इस नाते से दोस्त का बेटा मेरे बेटे जैसा है। सीएम अखिलेश यादव मेरे लिए पुत्र के समान हैं। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं कहना है।
अलीगढ़। समाजवादियों ने एक लोहिया ट्रस्ट बनाया है। इस लोहिया ट्रस्ट के चीफ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव हैं। अलीगढ़ सहित कई जिलों में सपा कार्यालयों की रजिस्ट्री लोहिया ट्रस्ट के नाम से कराई गई है। अलीगढ़ का क्वार्सी स्थित सपा कार्यालय वर्ष 2006 में बन कर तैयार हुआ और उसी वक्त इसकी रजिस्ट्री लोहिया ट्रस्ट के नाम से कराई गई है। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि उनके महासचिव रहने के दौरान वर्ष 2006 में कार्यालय बन कर तैयार हुआ, तभी से कार्यालय का बिजली बिल उनके नाम से आ रहा है। वर्ष 2006 में इसका शुभारंभ शिवपाल सिंह यादव ने किया था उस वक्त सांसद रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके साथ यहां आए थे। मुलायम सिंह यादव खुद इस कार्यालय में नहीं आ सके, क्योंकि अलीगढ़ में जब भी उनका आना हुआ तो वह बहुत ही व्यस्त कार्यक्रम रहा। इस कार्यालय की चॉबी कार्यालय सचिव धीरजपाल के पास रहती है। एक सफाई कर्मी गौरव वाल्मीकि भी यहां तैनात है। सपा कार्यालय सपाइयों का है। जहां कोई भी कभी आ जा सकता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नेता जी मुलायम सिंह यादव सभी सपाइयों के दिल और दिमाग में बसे हैं। सीएम ने भी कहा है कि विस चुनाव 2017 में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद वह नेता जी को सब कुछ सौंप देेंगे। अभी केवल चुनाव जीतने के लिए कुछ परिवर्तन किए गए हैं।
अलीगढ़। समाजवादियों ने एक लोहिया ट्रस्ट बनाया है। इस लोहिया ट्रस्ट के चीफ सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव हैं। अलीगढ़ सहित कई जिलों में सपा कार्यालयों की रजिस्ट्री लोहिया ट्रस्ट के नाम से कराई गई है। अलीगढ़ का क्वार्सी स्थित सपा कार्यालय वर्ष 2006 में बन कर तैयार हुआ और उसी वक्त इसकी रजिस्ट्री लोहिया ट्रस्ट के नाम से कराई गई है। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि उनके महासचिव रहने के दौरान वर्ष 2006 में कार्यालय बन कर तैयार हुआ, तभी से कार्यालय का बिजली बिल उनके नाम से आ रहा है। वर्ष 2006 में इसका शुभारंभ शिवपाल सिंह यादव ने किया था उस वक्त सांसद रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके साथ यहां आए थे। मुलायम सिंह यादव खुद इस कार्यालय में नहीं आ सके, क्योंकि अलीगढ़ में जब भी उनका आना हुआ तो वह बहुत ही व्यस्त कार्यक्रम रहा। इस कार्यालय की चॉबी कार्यालय सचिव धीरजपाल के पास रहती है। एक सफाई कर्मी गौरव वाल्मीकि भी यहां तैनात है। सपा कार्यालय सपाइयों का है। जहां कोई भी कभी आ जा सकता है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि नेता जी मुलायम सिंह यादव सभी सपाइयों के दिल और दिमाग में बसे हैं। सीएम ने भी कहा है कि विस चुनाव 2017 में पूर्ण बहुमत हासिल करने के बाद वह नेता जी को सब कुछ सौंप देेंगे। अभी केवल चुनाव जीतने के लिए कुछ परिवर्तन किए गए हैं।