थाना लोधा का हिस्ट्रीशटर यूसुफ आलम पठान उर्फ बबलू मेवाती बिरादरी से ही पेशेवर डकैत है। उसका नेटवर्क अहमदाबाद, राजस्थान, यूपी, एमपी, हरियाणा गुजरात आदि राज्यों में फैला हुआ है। हर राज्य और इलाके में इसका अलग गैंग था। इसमें स्थानीय लोगों के साथ साथ भाई और रिश्तेदार भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक यह लोग ऐसे घर को टारेगट करते हैं, जिसमें महिला या युवती जरूर हो। माल के साथ ही यह लोग गिरी हुई हरकतों में भी शामिल होते थे। घर में महिला या युवती की मौजूदगी जानने के लिए गैंग के लोग फेरी लगाकर, सर्वेयर बनकर, नंबर तक ले आते हैं और पता कर लेते हैं घर में कौन कौन है।
कई डकैतियों में इन्होंने रेप भी किया था। इसके अलावा अलग अलग राज्यों और इलाकों में वारदात को अंजाम देने के बाद यूसुफ उर्फ बबलू मेवाती अपना हिस्सा लेकर दूसरे राज्य में चला जाता था। पुलिस उसकी तलाश में वहीं आसपास भटकती रहती थी।
थाना देहली गेट में एक ऐसे ही घर में डकैती के बाद एक युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। एसएसपी राजेश पांडेय ने कहा कि कुख्यात अंतरराज्यीय बदमाश यूसुफ उर्फ बबलू को थाना बन्ना देवी के मुकदमा अपराध संख्या 837 य 11 के अभियोग में दाखिल किया गया है। आगे की विधिक कार्यवाही थाना बन्ना देवी द्वारा की जा रही है।
पुलिस के हाथ आ गया था, लेकिन बुरका पहन कर भागा
कौशल ने इसकी घेराबंदी की और पुलिस से मुठभेड़ के बाद यूसुफ उर्फ बबलू हाथ भी आ गया लेकिन मौके पर बनी प्रतिरोध की स्थिति के बाद वह बुरका पहन कर भाग गया। वर्ष 2013 में ही इकरार शमीम, नकीमा के साथ बबलू ने पप्पू निवासी बीड़ीपुरा के साथ लूट का प्रयास किया।
सफल न होने पर गोली मारकर घायल कर दिया। दबाव बढ़ने पर पूरे परिवार के साथ अहमदाबाद भाग गया। इसके बाद 55 नूर नगर, हाशिमपुर कालोनी, हाउजिंग बोर्ड नारौल रोड हुसैनी मसजिद के सामने अहमदाबाद गुजरात जाकर रहने लगा। लेकिन इसके बाद भी अलीगढ़ और बुलंदशहर में आना जाना जारी रहा।
तथा गुलफाम पहलवान के संपर्क में रहा और कई घटनाओं को अंजाम दिया। पांच छह दिन पहले ही थाना डाली लीमड़ा जिला अहमदाबाद में बबलू ने अमजद, यासीन, हुमायूं, रिजवान, शमशाद, निवासी अहमदाबाद के साथ मिलकर अहमदाबाद में कपड़ों के एक बड़े गोदाम में लूट की। जिसके संबंध में जानकारी की जा रही है।
यूसुफ पठान उर्फ बबलू का कबूलनामा
इस समय यूसुफ उर्फ बबलू की उम्र 35 वर्ष है। पुलिस को उसने पूछताछ में बताया कि वह सातवीं पास है। घर में सात भाई और एक बहन है। शुरू में गांव के मुकीम, शाकिर कोड़िया के साथ मिलकर भैंस और तार चोरी के अपराध करता था। सबसे पहले इसकी मुलाकात गांव के कादिल पुत्र राशिद निवासी गांव खाईडोटा थाना कोतवाली से हुई। बबलू ने अनवर उर्फ बुंदेली, कादिल के साथ मिलकर 14 अगस्त 2005 में तांगे वाले की हत्या कर दी और कैश व तांगा लूट लिया। इसके बाद आबाद पुत्र शहजाद निवासी तालसपुर, मुकीम पुत्र यामीन निवासी नौगवां यामीन पुत्र मतलूब निवासी तालसपुर, शाकिर उर्फ सक्का पुत्र बशीर निवासी कौड़ियागंज थाना अकराबाद के साथ मिलकर जलाली मोड़ पर हथियारों के बल पर 4-5 राहगीरों को लूट लिया। इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं ने रो रोककर जान की भीख मांगी लेकिन झाड़ी में खींच कर दुष्कर्म कर डाला।
एटा के राकेश की हत्या क्यों की?
कादिल की अलीगंज एटा के राकेश से रंजिश चल रही थी। 19 जून 2005 को कादिल ने बहाने से राकेश को गांव नौगवां बुलाया और बबलू व अनवर पुत्र उम्मेद अली निवासी गांव तालसपुर के साथ मिलकर गला दबाकर हत्या कर दी। लाश को गांव के बाहर ही गड्ढा खोदकर दबा दिया। इसके अलावा अलीगढ़ के गांव तालशपुर का ही बुंदेली पुत्र उम्मेद अली से इसका परिचय था। विरेंद्र गड़रिया निवासी गांव वीरपुर थाना लोधा का जमीनी विवाद अपने खानदान के लोगों से चल रहा था। विरेंद्र ने बुंदेली को उसके घर की मुखबिरी दी। इसी के आधार पर बबलू मेव, नईम पुत्र फारूख निवासी गांव तालशपुर, नन्हे पुत्र इकड़ी निवासी क्वार्सी, कालीचरण निवासी गौमत थाना इगलास व अन्य लोगों ने घर में सो रही कुसुम, चंद्रकांता और इस मुकदमे में वादी की गोली मार कर हत्या कर दी।
मथुरा में किया था रोड होल्डअप
4 जनवरी 2013 को थाना सासनी गेट मथुरा रोड पर बबलू ने गुलफान पहलवान निवासी गांव चिट्टा, सलेमपुर, बुलंदशहर और निजाम उर्फ कलुवा निवासी गांव भोजपुर रोड थाना कोतवाली, इकरार उर्फ डांसर पुत्र यूसुफ निवासी हजीरा थाना कोतवाली जिला अलीगढ़, अलताफ निवासी अतरौली, शफीक निवासी नौंगवा, नकीमा निवासी भुजपुरा, आदिल पुत्र गफ्फार निवासी नौंगवा के साथ मिलकर घर में घुसकर रात में डकैती डाली। साथ ही घर में एक गर्भवती महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। कैश भी लूट लिया। इस घटना की मुखबिरी नाजिम ने की थी। इस घटना के बाद बबलू, सलमान, नाजिम, गुलफाम, मुकीम, दानिश निवासी नगला रघौल थाना खैरागढ़ फिरोजाबाद के साथ मिलकर थाना फरह मथुरा में सड़क पर पेड़ काटकर डाल दिया और लूटपाट की।
यूसुफ उर्फ बबलू आ गया था पुलिस के कब्जे में
गांव वीरपुर में वारदात के बाद मौके से कालीचरण पकड़ा गया। जिसके बाद यूसुफ उर्फ बबलू का नाम भी प्रकाश में आया। करीब 90 दिन बाद बुलंदशहर जाते समय थाना गुलावठी क्षेत्र में बबलू, बुंदेली और रफीक को पकड़ लिया गया था। इसके बाद यह लोग करीब 11 महीने जेल में रहे। जमानत पर छूटने के बाद बबलू तमंचा बनाने वाले कारीगरों के संपर्क में आ गया और तमंचा फैक्ट्री खोलकर अवैध तमंचे के कारोबार में शामिल हो गया। चार पांच महीने बाद पकड़ा गया और दो महीने बाद फिर से जमानत पर छूट गया।
यूसुफ आलम पठान उर्फ बबलू का अपराधनामा
19.6.2005 में ही रंजिश के चलते राकेश (एटा) की हत्या करके शव जमीन में गाड़ दिया गया था।
12.7.2005 में ही थाना लोधा में एक तांगे वाले से लूट करते समय उसकी हत्या कर दी और शव को भीमपुर बंबे अलीगढ़ में ले जाकर डाल दिया
30.12.2005 में बबलू मेवाती ने अपने गैंग के साथ थाना लोधा एरिया में एक घर में घुसकर 3 लोगों की हत्या की और घर के एक बुजुर्ग को अगवा करके हत्या के बाद शव को जवां नहर में फेंक दिया
11.12.2011 में थाना लोधा में घर में डकैती डालते समय प्रेमपाल सिंह की हत्या कर लूटपाट की।
4.1.2013 में थाना सासनी गेट में 8 लोगों के गैंग के साथ बबलू मेवाती ने डकैती के बाद गर्भवती महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
2013 में ही थाना फरह मथुरा में सड़क पर पेड़ काटकर डाल करके राहजनी की घटना की और कई गाड़ियों के सवारियों के साथ लूट की घटना अपने गैंग के साथ की।
फरवरी 2017 में अपने गैंग के साथ थाना डाली लिमदा,अहमदाबाद (गुजरात) में कपड़े के गोदाम को लूटा है और फरार हो गया।