टप्पल ब्लॉक के गांव नरवारी के 11 मनरेगा मजदूरों की चार वर्ष से 1.20 लाख रुपये की मजदूरी बकाया है। वर्ष 2021 और 2022 में उन्होंने गांव में मनरेगा (वीबी जी-राम-जी) में काम किया था। आरोप है कि दो वर्ष तक योजना में काम करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। ब्लॉक के कर्मचारियों और प्रधान की मिलीभगत से जानबूझकर टरकाया जा रहा है।
बकाया भुगतान की मांग लेकर बुधवार को ब्लॉक पहुंचे रती खां, मेहरुन्निसा, अहमद, शेरू, खुर्शीद, पप्पू, शंकर, हसनू, इमरान, उम्मर, अली हसन ने खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री को ऑनलाइन प्रार्थना पत्र भेजकर भुगतान की गुहार लगाई। प्रार्थना पत्र में बताया कि वर्ष 2021 और 2022 में ग्राम पंचायत में तत्कालीन मनरेगा योजना में पूरी ईमानदारी से काम किया था। उन सभी की 1 लाख 20 हजार रुपये की कुल मजदूरी बनी थी। चार साल से इस धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कहा कि सभी गरीब परिवार से हैं। आर्थिक तंगी से पहले ही परेशान जूझ रहे हैं, ऊपर से भुगतान की मांग के लिए आए दिन ब्लॉक का चक्कर काटने में रुपया और समय दोनों बर्बाद हो रहा है। कहा कि मेहनत कर मजदूरी मांग रहे हैं और रुका भुगतान नहीं दिया गया तो वह धरने पर भी बैठ सकते हैं।
- ग्राम नरवारी के कुछ ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र दिया है। जांच कराई जाएगी। वैसे मनरेगा (वीबी जी-राम-जी) में इतने लंबे समय तक भुगतान कभी भी लंबित नहीं होता है। -विजय कुमार तिवारी, बीडीओ टप्पल