‘मिस्टर एमएलए! आई एम डीएम। हाउ कैन यू फोर्स मी।’ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शहर के नामचीन हस्तियों से खचाखच भरे जिला पंचायत के केसी पंत सभागार के दरवाजे पर जिला पंचायत के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूदगी को लेकर सपा के छर्रा से विधायक से हुई तनातनी के दौरान डीएम डा. बलकार सिंह ने जब तल्खी से यह कहा तो वहां सन्नाटा पसर गया।
डीएम का तमतमाया चेहरा और आंखों में रोष की लकीर देख छर्रा विधायक भी भौचक रह गए। अपनी बात कहकर डीएम ने छर्रा विधायक के हाथों की गिरफ्त से अपना हाथ छुड़ाया और अपनी कार में बैठकर जिला पंचायत परिसर से निकल गए। सत्ताधारी दल के विधायक द्वारा डीएम को रोकने की क्रिया पर डीएम की प्रतिक्रिया वाली इस घटनाक्रम की चर्चा शासन से लेकर सियासी हलके में है।
हुआ यूं कि अध्यक्ष को शपथ ग्रहण कराने के बाद सदन से बाहर निकल रहे डीएम डा. बलकार सिंह का सदन के द्वार पर छर्रा विधायक से आमना-सामना हो गया। औपचारिक अभिवादन के बाद छर्रा विधायक ने डीएम साहब से पूछ- सर आप कहां जा रहे हैं। अभी तो शपथ ग्रहण कार्यक्रम पूरा भी नहीं हुआ है। यह कहते हुए उन्होंने डीएम का हाथ पकड़ लिया।
इस पर डीएम का जवाब था-उनका काम अध्यक्ष को शपथ दिलाना था। काम पूरा हो गया है। अब वह जा रहे हैं। यह सुनकर विधायक बोल पड़े-- अरे साहब, आप ऐसे कैसे जा सकते हैं। जब तक सभी की शपथ नहीं हो जाती, पदेन सचिव होने के नाते आपको रुकना चाहिये। यह कहकर उन्होंने डीएम का हाथ पकड़कर सदन में ले जाने की कोशिश की। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। डीएम अपने पद की गरिमा का अहसास कराने के बाद वहां से चले गए।