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हैदराबाद में हैवानियतः कसूरवार को मिले फांसी, तभी रुकेगी दरिंदगी

Sun, 01 Dec 2019 06:25 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
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हैवानियत के विरोध में - फोटो : अमर उजाला
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बार-बार निगाह के सामने ऐसी तस्वीर आ जाती है, जिससे दिल-ओ-दिमाग झंकृत हो उठता है। वर्ष 2012 में निर्भया कांड ने देश के आम जनमानस में संवेदनाओं को झकझोर दिया था। देश भर में कैंडल मार्च निकालकर लोगों ने दोषियों को फांसी देने की वकालत भी की थी। मगर, अफसोस इतने वर्षों में भी दुष्कर्मी को फांसी देने का कानून तक नहीं बन पाया।

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एक बार फिर हैदराबाद में एक पशु चिकित्सक पशुवत सोच रखने वाले दरिंदों की भेंट गईं। इन दरिंदों ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसे जलाकर मौत की नींद सुला दी। देश एक बार फिर गुस्से में है। आप भी होंगे। होना भी चाहिए। वक्त आ गया है कि इन दरिंदों को फांसी की सजा मिले और कानून भी फांसी का बने, ताकि आइंदा कोई ऐसी हिमाकत न कर सके। इसी गंभीर मुद्दे पर शहर की बुद्धिजीवी महिलाओं ने अपनी राय रखी। आप भी पढ़िये, उनके दर्द रूपी शब्द को...।

बहुत हो गया। अब इन दुस्साहसिक घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। कभी निर्भया तो कभी कठुआ कांड और अब एक पशु चिकित्सक हत्याकांड। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत है, क्योंकि निर्भया को इंसाफ नहीं मिला है। समाज, प्रशासन, सरकार को आगे आकर इसकी चिंता करनी होगी। निर्भया जैसा गुस्सा दिखा था, वैसा गुस्सा फिर दिख रहा है। पुरुषों को अपनी सोच महिला के प्रति बदलनी होगी। कैपिटल पनिशमेंट और फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने की काफी जरूरत है। यह बात राष्ट्रपति भी कह चुके हैं। पुलिस पेट्रोलिंग होनी चाहिए। महिलाएं भी किसी गलत हरकत को नजरंदाज न करें, तत्काल पुलिस की मदद लें।
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डॉ. स्वास्ति राव कुलहरि, शिक्षाविद्

निर्भया जैसी घटना की पुनरावृत्ति हो गई। कब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। पशुवत जैसी सोच रखने वाले लोगों की सोच बदलने होगी। यह तभी संभव होगा, जब बिना समय गंवाए बलात्कारी को फांसी दे दी जाए। देश के कानून को सख्त बनाना होगा। इससे लोगों में खौफ पैदा होगा।
डॉ. अंचल पांडेय, चिकित्सक

अब वक्त आ गया है कि देश में फांसी का कानून बने। बलात्कार हो या ऐसी घटना जो विचलित कर दे। ऐसी घटना को अंजाम देने वाले लोगों को फौरन फांसी की सजा मिलनी चाहिए। कानून का डर होना बहुत जरूरी है, क्यों कि कुछ लोग डर की भाषा ही समझते हैं।
-बिंदु सिंह, अधिवक्ता

इस तरह की त्रासदी से उभरने के लिए सिर्फ कानून बनाना ही समाधान नहीं है। प्राथमिक स्तर से ही नैतिक मूल्यपरक शिक्षा को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाना होगा। हर मां अपने बेटों को संस्कारों के पाठ के साथ पालन-पोषण करे तो ऐसी ह्रदयविदारक घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
-डॉ. नीलम श्रीवास्तव, असिस्टेंट प्रोफेसर

एक पशु चिकित्सक के साथ जो हुआ उसके लिए शर्मनाक शब्द बौना है। यह एक हमारे समाज के मुंह पर जोरदार तमाचा है, जो पूरे देश को शर्मिंदा करता है। समाज को यह दिखाता है कि बेटी और महिलाओं के प्रति कितने घृणित लोग हैं। सरकारें आखिर कब तक बेटियों को यूं ही मरते हुए देखते रहेगी।
-जरीना बेगम समाज सेविका

एक पशु चिकित्सक के साथ घिनौना कार्य करने वाले लोगों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि कोई दोबारा ऐसी हिमाकत न कर सके। हिंदुस्तान में सऊदी अरब जैसा त्वरित न्याय और सख्त कानून चाहिए। देश में एक मजबूत कानून बने।
-शाहनीला सिद्दीकी, अध्यक्ष आजाद फाउंडेशन

एक पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक दुष्कर्म व वीभत्स हत्या के विरोध में हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष अमर कुमार की अगुआई में तस्वीर महल चौराहे पर एकत्रित होकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन सक्षम अधिकारी को सौंपा। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य संजू बजाज ने कहा कि बहन-बेटियों पर हैवानियत के दरिंदों द्वारा हैदराबाद जैसी घटनाएं निरंतर हो रही हैं। इस अवसर पर मनोज कुमार, अमित, राजा, मधु राजपूत, लतेश वर्मा, अर्जुन कुमार आदि मौजूद रहे।

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