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जीते जी मार दिया: पति की हुई मौत, 22 साल बाद पत्नी का बना दिया मृत्यु प्रमाण पत्र, जीवित बताकर भटक रही वृद्धा

Sun, 16 Nov 2025 02:35 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पति जगदीश प्रसाद का 19 फरवरी 2000 को निधन हुआ था। पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ब्लॉक कार्यालय और ग्राम पंचायत सचिव के पास सैकड़ों चक्कर काटे। 20 साल बाद 19 अक्तूबर 2022 को निधन का प्रमाण पत्र जारी करते हुए मृतक की जगह उनका (सरोज देवी का) नाम दर्ज कर दिया गया।
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गलत मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाते मां-बेटा - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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खैर के गांव चमन नगरिया निवासी सरोज देवी ने अपने पति स्व. जगदीश प्रसाद का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। प्रमाण पत्र बना तो पति की जगह सरोज देवी को ही मृत घोषित कर दिया गया। अब तीन साल से वह स्वयं को जीवित बताकर सही प्रमाण पत्र बनाने की गुहार लगाते हुए भटक रही हैं। 15 नवंबर को संपूर्ण समाधान दिवस में भी उन्होंने फरियाद लगाई।

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सरोज देवी के अनुसार उनके पति जगदीश प्रसाद का 19 फरवरी 2000 को निधन हुआ था। पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ब्लॉक कार्यालय और ग्राम पंचायत सचिव मधुप सक्सेना के पास सैकड़ों चक्कर काटे। 22 साल बाद 19 अक्तूबर 2022 को निधन का प्रमाण पत्र जारी करते हुए मृतक की जगह उनका (सरोज देवी का) नाम दर्ज कर दिया गया।
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तब से वह गलत प्रमाण पत्र सही करने की मांग करते हुए ब्लॉक और तहसील का चक्कर काट रही हैं। पीड़िता के अनुसार गलत प्रमाण पत्र की वजह से उन्हें पेंशन सहित अन्य सरकारी याोजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत सचिव मधुप सक्सेना का कहना है कि लिपिकीय त्रुटि से गलत मृत्यु प्रमाण पत्र बन गया था। जल्द ही उसे रद्द कर सही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

तहसील समाधान दिवस में सरोज देवी नाम की महिला ने प्रार्थना पत्र दिया है, जिसमें बताया कि ब्लॉक कार्यालय से उनके पति की जगह उनके नाम पर गलत मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी खैर को आदेशित किया गया है कि पंचायत सचिव से जांच कराकर अति शीघ्र मामले का निस्तारण कराएं। - शिशिर कुमार सिंह, एसडीएम, खैर।

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