अलीगढ़ की गोंडा रोड पर ससुराल में बेटी की गला रेतकर हत्या के मुकदमे में मां-बाप ही पक्षद्रोही (गवाही से मुकरना) हो गए। हालांकि, अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति को दोषी करार देकर 15 वर्ष की सजा व 15 हजार अर्थदंड से दंडित किया है। यह निर्णय एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अंजू राजपूत की अदालत ने सुनाया है।
मूल रूप से कासगंज हाल गोंडा रोड देहली गेट निवासी महेश कुमार ने आरोप लगाया था कि उन्होंने अपनी बेटी कविता की शादी घटना से ढाई वर्ष पहले रामनगर गोंडा रोड के रवि उर्फ लल्ला संग की थी। 9 मई 2018 की सुबह जब कविता की मां बेटी से मिलने उसकी ससुराल पहुंची तो उसकी लाश पड़ी थी। गला रेतकर हत्या की गई थी। मुकदमे में पति के अलावा जेठ गौरव, ससुर, ननदोई आदि नामजद किए गए। विवेचना के बाद पुलिस ने पति व जेठ पर चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान जेठ की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने पति रवि को दोषी करार दिया है।
मेडिकल रिपोर्ट-विवेचक की गवाही बनी आधार
एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर ने बताया कि घटना में कुल 9 गवाह कराए, जिनमें माता-पिता के अलावा दो सीओ, एक एसडीएम, दो चिकित्सक व एक पुलिस के गवाह रहे। मां-बाप के पक्षद्रोही होने पर बचाव पक्ष ने साबित करने का प्रयास किया कि किसी बाहरी ने हत्या की। मेडिकल रिपोर्ट व विवेचक ने यह साबित किया कि हत्या दो मंजिला मकान की दूसरी मंजिल के हिस्से में हुई। जहां अन्य कोई बाहरी नहीं जा सकता था। मेडिकल रिपोर्ट ने भी यह साबित किया।