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अलीगढ़ः पत्नी को जिंदा जलाने के आरोपी पति को उम्रकैद

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गोंडा के नगला श्याम में पत्नी को केरोसिन डालकर जिंदा जलाकर मारने की घटना के आरोपी पति को उम्रकैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे-5 प्रवीन कुमार पांडेय की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि न्यायालय ने इस घटना को दुर्लभ अपराध की श्रेणी में माना है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार, मुरसान के गांव तलैया कलुआ नगरिया के पप्पू ने अपने दो बेटियों भारती व दुर्गेश की शादी 7 मई 2014 को श्याम नगला के सगे भाइयों क्रमश: अरविंद व मनोज संग की। शादी के बाद भारती के एक बच्चा भी पैदा हुआ। मगर दहेज के लिए दंपती में विवाद शुरू हो गए। इसके चलते दोनों बहनें अपने मायके जाकर रहने लगीं। बाद में उनकी ननद की शादी नजदीक आने पर दोनों के पति उन्हें 8 दिसंबर 2017 को अपने साथ बुला लाए। मुकदमे के अनुसार 20 दिसंबर 2017 को अरविंद ने भारती को कमरे में बंद कर केरोसिन डालकर जला दिया।
इसकी सूचना 22 दिसंबर को मायके पक्ष को दी और 25 दिसंबर को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। मुकदमे में हालांकि अरविंद के अलावा देवर करन, कालू व मनोज आरोपी बनाए गए। मगर घर में ही मौजूद छोटी बहन दुर्गेश ने बयान दिया कि घटना वाली शाम अरविंद व भारती अपने कमरे में थे। तभी उसे अरविंद ने केरोसिन डालकर आग लगाई और खुद बिस्तर पर बैठकर उसे जलता देखता रहा। हालांकि दूसरे देवर कालू ने बचाने का प्रयास किया। मगर असफल रहा। अदालत ने इस बयान को महत्वपूर्ण आधार मानते हुए अरविंद को दोषी करार दिया और दहेज हत्या में दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा में आरोपी को उम्रकैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया। साथ में एक लाख रुपया भारती के बच्चे को देने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायालय की टिप्पणी
- दोष सिद्ध अरविंद अपनी पत्नी को आग लगाकर आराम से बिस्तर पर बैठ गया और मृतका को जलने दिया। यह मानवता के विरुद्ध घोर अपराध है। अरविंद कितना हृदय का कठोर है कि जलती हुई महिला को बचाने का प्रयास भी नहीं किया। यह दुर्लभ हत्या के केस में तो आता है। अगर अन्य कोई ओवर्ट एक्ट होता तो दुर्लभतम से दुर्लभ होता।
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