दादों के गांव नगला पुरविया में विवाहिता की दहेज के लिए की गई हत्या के दोषी पति-सास को 10-10 वर्ष की सजा सुनाई गई है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे-5 ऋषि कुमार की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार, घटना 27/28 नवंबर 2017 की रात की है। वादी कासगंज बेहड़िया के सोपाली सिंह ने दादों में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी विमला की शादी घटना से पांच वर्ष पूर्व नगला पुरविया के हरिओम सिंह संग की थी। शादी के बाद दहेज में बाइक आदि की मांग को लेकर उसे तंग किया जाने लगा। घटना वाले दिन उन्हें खबर मिली कि उनकी बेटी को गले में फंदा लगाकर मार दिया गया है।
पुलिस ने मुकदमे के आधार पर पति व सास शीला देवी के खिलाफ चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोनों को दहेज हत्या का दोषी करार दिया गया। इस आधार पर दोनों को 10-10 वर्ष कैद व 35-35 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।