दर्जी को कपड़े सिलने के लिए देने के बाद सबको बेताबी होती है कि वह जल्द से जल्द उसे मिले और उसे पहने। अलीगढ़ के कई नामी दर्जियों के शोरूम में सैकड़ों जोड़ी सिले कपड़े हैंगरों में लटके धूल फांक रहे हैं, जो कोरोना काल के पहले ग्राहकों द्वारा सिलने के लिए दिए गए थे। इन्हें कोई लेने नहीं आ रहा। मेहनत-मजदूरी के लाखों रुपये फंसे हैं।
कोरोना काल से पहले सैकड़ों लोगों ने पैंट-शर्ट और सलवार-सूट सिलने के लिए दे गए थे, लेकिन कोरोना काल खत्म होने के बाद भी इन कपड़ों को लेने आए ग्राहक नहीं आए। -मोहम्मद हारून, टेलर
कोरोना काल की वजह से लोगों के सिले कपड़े दुकान पर रखे हैं। इन सिले कपड़ों कोई लेने नहीं आया। -नवाब अहमद, टेलर
क्रिकेटर रिंकू सिंह सिलवा चुके हैं कपड़े
न्यू बेस्ट टेलर्स के संचालक मोहम्मद हारून ने बताया कि उनके यहां भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते खिलाड़ी रिंकू सिंह और उनके परिजन कपड़े सिलवाते थे। कई बार रिंकू स्वयं अपने कपड़े के नाप देने और उठाने आए हैं। हालांकि पिछले कई वर्षों से रिंकू के परिजन यहां पर कपड़े नहीं सिलवा रहे हैं।