एएमयू में हुए बवाल की जांच के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम मंगलवार को एक बार फिर अलीगढ़ आई। मंगलवार को पुलिस और पुलिस अधिकारियों के बयान लिए गए।
टीम ने पुलिस से घटना वाली रात को इस्तेमाल की गईं गोलियां, आंसू गैस के गोलों आदि का हिसाब मांगा। साथ ही खर्चे का आकलन जो उपद्रवियों को नोटिस के जरिये भेजा गया है, उसका भी हिसाब मांगा। टीम इनका मिलान करेगी।
इसके अलावा टीम ने घटना वाली रात इस्तेमाल किए गए हथियारों की बैलेस्टिक रिपोर्ट भी मांगी है, जो पुलिस कर्मी व अधिकारी घटना के दौरान घायल हुए हैं, उनका ट्रीटमेंट कार्ड, उनको दी जाने वाली दवाएं, सुरक्षा कर्मियों को लगीं चोटें और उनके प्रकार के संबंध में भी विवरण मांगा गया है।
टीम दो तीन दिन पीडब्लूडी निरीक्षण भवन में रुकेगी। टीम ने जहां जहां घायल पुलिस वालों का उपचार चला, वहां वहां पहुंच कर उनके ट्रीटमेंट की हिस्ट्री के संबंध में साक्ष्य संग्रह किए। इससे पहले टीम पांच दिन अलीगढ़ में रुकी थी।
उस समय कुछ छात्रों के बयान होने से रह गए थे। तब यह भरोसा दिया गया था कि जब यह छात्र आ जाएंगे तब उनके बयान के लिए टीम फिर आ जाएगी। छात्रों के अलावा पुलिस और पीएसी के बयान भी रह गए थे।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता असद हयात ने बताया कि बुधवार को कुछ छात्रों को बयान के लिए बुलाया गया है। बयानों के साथ साथ टीम को साक्ष्य भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
‘टीम ने मंगलवार को आरएएफ के बयान लिए हैं। यह पहले छूट गए थे। बुधवार को छात्र अपना बयान दर्ज कराएंगे’
- राजवीर सिंह, डीएसपी, मानवाधिकार आयोग टीम