सपा नेता एवं पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में भाजपा के केवल नौ उम्मीदवार ही जीते थे। 38 सदस्य हार गए थे। लेकिन अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में भाजपा प्रत्याशी को 38 वोट मिल गए। इससे स्पष्ट है कि भाजपाइयों ने सत्ता का दबाव बना कर सदस्यों से जबरन वोट दिलवाया है।
पूर्व सांसद मैरिस रोड स्थित होटल में रविवार को पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए 9 सदस्यों को निरक्षर और 8 को अचानक बीमार बना दिया गया। उनके स्थान पर 17 सहायकों ने वोट डाला। पूर्व सांसद ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी खुद को महात्मा बताते हैं।
लोकतंत्र के चौकीदार बनते हैं और उनकी सरकार में ही सत्ता, पुलिस, मुकदमों का डर दिखा कर और धनबल का प्रयोग कर लगातार संवैधानिक कुर्सियों पर कब्जा किया जा रहा है। भाजपा कहती है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से वह यूपी विधानसभा का सेमीफाइनल जीत गई है। ऐसा नहीं है, क्योंकि सेमीफाइनल में भाजपा 38 सीटें हार गई थी।
उन्होंने कहा कि जनता ने जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक सीटों पर भाजपा के विरोध में मतदान किया है। विधानसभा चुनाव में इसकी पुष्टि हो जाएगी। पूर्व सांसद ने कहा कि सपा को ईमानदारी से वोट देने वाले सदस्यों का सम्मान करेंगे, क्योंकि उन सदस्यों ने अंतरात्मा की आवाज पर वोट किया है। हर बार की तरह इस बार भी जिला एवं महानगर कमेटी सहित अन्य कोई नेता उनके साथ नहीं था।
जब पूछा गया कि जिला और महानगर के पदाधिकारी आपकी वार्ता में क्यों नहीं बुलाए जाते तो उन्होंने कहा कि वह पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ नेता हैं, इसलिए इसकी कोई जरूरत नहीं है। जिलाध्यक्ष पार्टी के मुखिया हैं। इस मौके पर फुरकान मिर्जा और मनोज चौधरी उनके साथ रहे।