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Aligarh News: मकान गणना में लोगों के बेतुके सवालों से प्रगणकों के छूट रहे हैं पसीने

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चंडौस के गांव ओगीपुर में मकान गणना के दौरान एक घर पर जानकारी लेते प्रगणक। संवाद  - फोटो : samvad
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भीषण गर्मी और तेज धूप में मकान की गणना करने में एक ओर प्रगणकों के पसीने छूट रहे हैं वहीं मकान मालिकों के बेतुके सवालों का सामना भी करना पड़ रहा है। शासन के निर्देश पर 22 मई से घर-घर जाकर मकानों की गणना में एक गांव में तीन से चार टीमों को लगाया गया है। एक टीम में दो प्रगणक हैं। ये लोग सुबह सात से शाम छह बजे तक मकान की गणना करते हैं। एक दिन में एक टीम करीब 30 घरों की गणना कर पा रही है।
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मकान गणना में सबसे पहली चुनौती ऑनलाइन अपडेट करने में आ रही है। डॉटा काफी देर में अपलोड हो रहा है। गांव में कई लोग तो ऐसे सवाल करते हुए मिल रहे हैं कि मकान की जानकारी देने के बदले में उनको क्या मिलेगा। कुछ लोग जानकारी देने से ही मना कर रहे हैं तो कुछ लोग दरवाजे ही नहीं खोल रहे हैं। घरों के दरवाजे दोपहर में लोग खोलने को तैयार नहीं हैं। कुछ लोग गलत जानकारी दे रहे हैं। कई लोग सरकार के बारे में ही सवाल पूछने लगते हैं। प्रगणकों से कहा जा रहा है कि हमारे घर के सामने नाली व सड़क नहीं है। बिजली का बल्व नहीं है, घर के ऊपर से गुजर रही लाइन को हटवा दो। इससे प्रगणकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ जागरूक और नौकरीपेशा लोग ऐसे भी हैं जो गणना में सहयोग कर रहे हैं।
गभाना क्षेत्र में प्रगणकों ने बताया है कि गणना करने के लिए घरों पर जाते हैं तो कुछ परिवार जानकारी देने से पहले यह पूछते हैं कि सरकार हमारे लिए क्या कर रही है। घरों पर पहुंचने पर सही जानकारी भी नहीं देते हैं। कुछ परिवार कहते है कि कल आना घर कोई नहीं है।
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