कमरे में थे पांच सिलिंडर, रिफलिंग का भी अंदेशा
जिस तीन मंजिला मकान में आग लगी। उसके पहले माले पर खुद मकान स्वामी रहते हैं, जबकि दूसरे माले पर एक अन्य किरायेदार परिवार रहता है। तीसरे माले पर बने एक कमरे में व उसके आगे टिनशेड में यह दोनों भाई रहते हैं। जिस कमरे में आग से सिलिंडर फटे थे। वहां से फायर सर्विस की टीम ने दो खाली सिलिंडर भी जब्त किए हैं। साथ में तीन सिलिंडर फटे हुए मिले हैं। इस तरह वहां कुल पांच सिलिंडर रखे थे। जिन्हें देखकर रिफलिंग का अंदेशा भी जताया गया है। मगर मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि आग बुझने के बाद पूरे कमरे की गहनता से जांच की गई। वहां रिफलिंग के साक्ष्य तो नहीं मिले हैं। फिर भी इस दिशा में जांच के बाद ही तस्वीर साफ होगी। आपूर्ति विभाग की मदद ली जाएगी कि ये सिलिंडर इतनी संख्या में यहां कैसे आए। अनुमान ये भी है कि ये सिलिंडर चाय की दुकान संचालन के लिए रखे थे।
सिलिंडर रिसाव का अंदेशा, इसलिए नहीं हुआ बड़ा ब्लास्ट
इस विषय में मुख्य अग्निशमन अधिकारी यह भी बताते हैं कि जिस तरह से हल्के धमाकों के साथ सिलिंडर फटे हैं, उससे सिलिंडर से गैस रिसाव का अंदेशा है। पहले कमरे में आग लगी होगी। रिसाव के चलते सिलिंडरों ने आग पकड़ी होगी। फिर वे धमाके के साथ फटे होंगे। अगर रिसाव न होता तो अंदर गैस बनने पर ब्लास्ट के साथ ये सिलिंडर फटते और उड़ते भी। इससे कमरे के क्षतिग्रस्त होने के साथ-साथ भवन के अन्य हिस्सों व आसपास तक नुकसान हो सकता था।
इलाके में मची रही घंटों तक अफरा-तफरी
आधी रात को आग लगने व सिलिंडर फटने के बाद इलाके में घंटों तक अफरा-तफरी मची रही। लोग दहशत के चलते बाहर बने रहे। बाद में स्थितियां सामान्य होने पर ही लोग सो पाए। इधर, बरेली से घायलों के परिजनों के आने के बाद उन्हें दिल्ली भेज दिया गया।