टोल प्लाजा पर लोगो को खाने का पैकेट देते पुलिसकर्मी।
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लॉकडाउन की स्थिति में घर-घर जाकर वाले डिलीवरी करने वाले लोगों को राहत दी गई है, लेकिन ऑनलाइन खाना आदि आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने अपने डिलीवरी बॉय को नहीं आने दिया है। इसके लिए बाकायदा निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
जबकि लखनऊ में वहां के मुख्य विकास अधिकारी ने घर-घर जाकर खाना आपूर्ति करने वाली कंपनियों के डिलीवरी बॉय को लॉकडाउन में सामान और खाना पहुंचाने की इजाजत दी है। इसके लिए दलील दी है कि लोगों के घरों पर ही अगर सामान पहुंच जाएगा तो वह बाहर कम निकलेंगे।
लखनऊ में ऑनलाइन सप्लाई करने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों को प्रशासन की ओर से आईकार्ड जारी कर पूरे शहर में खाद्य पदार्थों की ऑनलाइन डिलीवरी करवाई जा रही है।
विदेशों में फंसे भारतीयों को वहां से निकालकर स्वदेश लाने वाली संस्था हेल्प डेस्क इंडियन ने शुक्रवार को महामारी के समय भोजन और जरूरत की सामग्री से वंचित लोगों ने खाना आदि पहुंचाया सिविल लाइंस पुलिस के साथ मिलकर संस्था ने रेलवे स्टेशन, कठपुला, घंटाघर, अमीर निशा, गुरुद्वारे रोड, अचल तालाब, जीटी रोड पर मजदूर, मजबूर एवं राहगीरों को खाना और साबुन बांटे।
हेल्प डेस्क संस्थापक रूपेश पाठक ने बताया कि हमारी संस्था लॉकडाउन के दौरान खाने के पैकेट्स और अन्य उपयोगी वस्तुओं का वितरण करेगी। उन्होंने बताया की इस काम के लिए सिविल लाइंस प्रभारी अमित कुमार व अन्य लोगों की टीम है, जिसमें मुख्य रूप से समाज सेवक मनोज शैली ,गौरव भरद्वाज (सागर एसोसिएट्स), पुरु पाठक , नरेंद्र शर्मा , नरेंद्र शर्मा (नंदा), शुभम, मुकुल, तरुण गुप्ता, लोकेंद्र, आशु ठाकुर शामिल हैं।
शहर की मलिन बस्तियों व तंग गलियों में पहुंचे नगर आयुक्त
देहली गेट चौराहे से निवड़ी मोड़ तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर पैदल चलकर नगर आयुक्त ने लोगों से घर में रहने की अपील की। इस दौरान उन्होंने कभी सख्ती दिखाई तो कभी लाड़-प्यार से लोगों को समझाया। शहर की मलिन बस्तियों एवं तंग गलियों में भी नगर आयुक्त पहुंचे। मोहल्लों एवं गलियों को सैनिटाइज भी किया गया।
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि करीब दो हजार से अधिक निगमकर्मी शहर को स्वच्छ बनाने एवं सैनिटाइज करने में जुटे हैं। शहर के सात स्वच्छता वार्ड को कोरोना कंट्रोल रूम में तब्दील कर दिया गया है।
तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए नगर निगम के कंट्रोल रूमों की संख्या अब नौ हो गई है। उन्होंने सफाई कर्मियों के लिए रिलीफ फंड भी बनाया है। इसमें कोई भी दान कर सकता है।
पुलिस आगे आई
जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आम लोगों के साथ पुलिस भी आगे आई है। उन्हें खाने के पैकेट पहुंचाए जा रहे हैं। रास्ते में फंसे लोगों के लिए खाने व पानी की व्यवस्था की जा रही है।