24 मार्च को भद्रा पुच्छ काल सांय 06:34 बजे से 07:54 मिनट तक रहेगा। सांय 7:54 से रात्रि 10:07 बजे तक भद्रा मुख काल रहेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त सर्वार्थ सिद्धि योग में रात्रि 11:12 मिनट से 12:24 तक रहेगा।
होलिका दहन को लेकर हर वर्ष संशय रहता है। कुछ जगह शाम या रात को ही होलिका दहन हो जाता है, जबकि कुछ जगह पर तड़के सुबह होलिका जलती है। स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने ज्योतिष के अनुसार होलिका दहन के शुभ मुहुर्त के बारे में जानकारी दी।
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स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज ने बताया है कि 24 मार्च को भद्रा पुच्छ काल सांय 06:34 बजे से 07:54 मिनट तक रहेगा। सांय 7:54 से रात्रि 10:07 बजे तक भद्रा मुख काल रहेगा। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त सर्वार्थ सिद्धि योग में रात्रि 11:12 मिनट से 12:24 तक रहेगा। लोकाचार एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को सूर्योदय से पूर्व होलिका दहन किया जा सकता है।
ग्रहों एवं नक्षत्र के अनुसार रंगों के प्रयोग से सुख, शांति की वृद्धि होती है। 24 मार्च को व्रत की पूर्णिमा व 25 मार्च को स्नान, दान की पूर्णिमा रहेगी। भद्राकाल में होलिका दहन, पूजन निषेध है। पूजन के लिए लिए भी पुच्छ काल और मुख काल देखा जाता है। इन दोनों के समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन किया जाता है।