होलिकाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलिकाष्टक दोष माना जाता है। जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित हैं। इस दौरान विवाह, नए निर्माण एवं नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए।
रंगों का पर्व होलिका उत्सव इस बार आठ मार्च को मनाया जाएगा। इसको लेकर 27 फरवरी से होलिकाष्टक शुरू हो जाएंगे, जो सात मार्च तक रहेंगे। इस दौरान किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित होंगे।
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ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि होलिकाष्टक को ज्योतिष की दृष्टि से एक होलिकाष्टक दोष माना जाता है। जिसमें विवाह, गर्भाधान, गृह प्रवेश, निर्माण आदि शुभ कार्य वर्जित हैं।
उन्होंने कहा कि इस दौरान विवाह, नए निर्माण एवं नए कार्यों को आरंभ नहीं करना चाहिए। इन दिनों में किए गए कार्यों से कष्ट, अनेक पीड़ाओं की आशंका रहती है।
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विवाह आदि संबंध विच्छेद और कलह का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि होलिकाष्टक का प्रभाव ग्रहों की चाल के कारण भी होता है। इन आठ दिनों में मौसम परिवर्तित हो रहा होता है, जिससे व्यक्ति रोगी हो सकता है। संक्रामक रोग बहुत तेजी से फैल सकते हैं।