होली की धूल के दिन शब-ए-बरात भी मनाया जाएगा। ऐसे में प्रदेश के अतिसंवेदनशील शहरों की सूची में शामिल अपने जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। होली में किसी भी प्रकार से खलल न पड़े और शब-ए-बरात पर भी कोई आपत्तिजनक गतिविधि न हो, इसके लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में मंगलवार को एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। जिसमें पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ सभी समुदायों के शहर के संभ्रांत लोग मौजूद रहे। इस दौरान साफ कहा गया कि किसी नए स्थान पर होली नहीं रखी जाएगी और किसी को कानून तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
एसएसपी ने कहा कि शहर में 7 को होली पूजन, 8 मार्च को होलिका दहन होगा। इसके बाद उसी शाम शब-ए-बरात भी है। ऐसे में किसी तरह से सौहार्द न बिगड़े, इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ-साथ शहर के लोग भी जिम्मेदार हैं। शहर में पुलिस, पीएसी और आरएएफ की तैनाती होगी। शहर में सेक्टर स्कीम लागू कर नौ सेक्टर बनाए जाएंगे। साथ में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की व्यवस्था होगी।
इस दौरान बताया गया कि शहर के 847 स्थलों पर होलिका दहन होगा। इन स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा होगी। मिश्रित आबादी वाले व अतिसंवेदनशील क्षेत्र सब्जी मंडी, कनवरी गंज फर्श, देहली गेट, ऊपर कोट आदि क्षेत्रों में विशेष चौकसी रहेगी। साथ में सोशल मीडिया पर भी पुलिस की निगरानी रहेगी। किसी को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते पाया गया तो सीधे गिरफ्तारी व कार्रवाई होगी। इस बैठक में एसपी देहात पलाश बंसल, सीडीओ आकांक्षा राणा, एडीएम सिटी मीनू राणा, एडीएम प्रशासन डीपी पाल, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत व समस्त सीओ आदि मौजूद रहे।
थाना प्रभारियों को ये निर्देश
अपने ड्यूटी चार्ट तैयार कर लें
पिछले साल का और उससे पिछले साल का त्यौहार रजिस्टर अवश्य पढ़ लें
रात में पोस्टर पार्टी व्यवस्था रख लें
वाहन में पीएस सिस्टम व दंगा निरोधक उपकरण अवश्य रखें
धर्मगुरु आदि से संपर्क अवश्य कर लें
डीजे पर नियंत्रण रखें, फोन से भी हर एक डीजे वाले से बात कर लें
थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज अपना क्षेत्र न छोड़ें, प्रत्येक सूचना को अटेंड करें
4 ,5 और 6 मार्च को काफी फ्लैग मार्च करें
7 और 8 मार्च को क्लस्टर व्यवस्था आवश्यक रखें
हर होलिका के लिए किसी को जिम्मेदार बना दें
चौकीदार, होमगार्ड या सिपाही को यह जिम्मा सौंपें
मोहल्ले की एक निगरानी समिति बना दें
किसी गैर परंपरागत जगह पर कोई होलिका न रखी जाए