प्रदेश सरकार ने जिले की एक मात्र गन्ना चीनी मिल साथा की क्षमता वृद्धि एवं उच्चीकरण का वायदा निभाते हुए पहले बजट में इसके लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है वहीं योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ की ओर से टेंडर भी निकाला गया है। अब दि साथा चीनी मिल का उच्चीकरण किया जाएगा। मिल की क्षमता वृद्धि भी 1250 से बढ़कर 1700 टीसीडी हो जाएगी।
किसान पिछले पांच साल से चीनी मिल की नई यूनिट की स्थापना की मांग कर रहे थे। साथा चीनी मिल को लेकर बीते वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले अनुपूरक बजट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी। जिसमें इंटीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में साथा मिल को तब्दील किया जाना था। हालांकि इस घोषणा के बाद भी पूरा साल बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर मिल में कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया। मिल के उच्चीकरण के लिए टेंडर निकलने से किसानों में खुशी की लहर छा गई है।
किसान नेता डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने बताया कि साथा चीनी मिल को लेकर किसानों का संघर्ष रंग लाया है। सरकार ने नई चीनी मिल बनाने का पहला कदम उठा दिया है। चीनी मिल का आधुनिकरण का कार्य होगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ में एमडी रमाकांत उपाध्याय के स्तर पर भी बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह ने कहा है कि अब किसानों के गन्ने की पेराई नई साथा चीनी मिल पर ही होगी।
दि साथा चीनी मिल के उच्चीकरण एवं क्षमता वृद्धि के लिए उत्तर- प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ की ओर से टेंडर जारी किया गया है, जल्द ही किसानों को चीनी मिल एक नए रूप में दिखाई देगी। -इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी