एक साल में तय होगा 500 हिस्ट्रीशीटरों का भविष्य
धर्मवीर के मामले के साथ ही पुलिस प्रशासन ने जिले के करीब 500 ऐसे हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी बंद करने का निर्देश दिया है, जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है। पुलिस अब एक वर्ष तक इनके आचरण पर नजर रखेगी। इस अवधि में कोई शिकायत न मिलने पर इन्हें हिस्ट्रीशीट से मुक्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय से अपराध से दूर और बढ़ती आयु के कारण ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी की आवश्यकता नहीं रह जाती।
जिले में यह है हिस्ट्रीशीटरों की स्थिति
पिछले वर्ष तक जिले में करीब 2500 हिस्ट्रीशीटर पंजीकृत थे। इनमें से 70 वर्ष की आयु पूरी कर चुके 130 हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट बंद कर रिकॉर्ड नष्ट किए जा चुके हैं। वहीं हाल के दिनों में करीब 200 नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
संपन्न परिवार से हैं धर्मवीर
धर्मवीर के छोटे भाई और शिक्षक वीरपाल सिंह के अनुसार उनका परिवार संपन्न है और लगभग 100 बीघा जमीन का मालिक है। एक भाई मेरठ में प्रोफेसर हैं, जबकि धर्मवीर दसवीं तक शिक्षित हैं। उनका कहना है कि गांव के एक अपराधी ने रंजिशन लूट के मामले में धर्मवीर सहित चार लोगों का नाम लिखवा दिया था। बाकी तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है और अब सिर्फ धर्मवीर ही जीवित हैं।
पुलिस ने माना, जारी रहना था अनुचित
एसएसपी नीरज जादौन ने कहा, “धर्मवीर के प्रकरण में केवल एक अपराध था और उसमें भी वे बरी हो चुके थे। ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट खुलना और वर्षों तक जारी रहना अनुचित था, इसलिए इसे बंद कराया गया। इसी तरह के अन्य करीब 500 हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी भी समाप्त कर दी गई है। एक वर्ष बाद उन्हें भी हिस्ट्रीशीट से मुक्त किया जाएगा।”