बेटी की शादी के लिए प्लॉट खरीदने के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी और बुजुर्ग को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर सुंदर सिंह को बन्नादेवी पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बुजुर्ग जवाहर सिंह से रुपये हड़पे और बैनामा नहीं कराया।
मानसिक तनाव के चलते जवाहर सिंह ने 20 दिसंबर 2024 को विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी थी। आरोपी करीब डेढ़ साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। आरोपी के खिलाफ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सीओ बन्नादेवी धनंजय सिंह के अनुसार मूल रूप से जनपद बुलंदशहर के थाना खुर्जा देहात क्षेत्र के किरियावली व हाल निवासी नगला नत्था, गभाना सुंदर सिंह का रहने वाला है।
वर्तमान में वह थाना बन्नादेवी क्षेत्र के जीटी रोड स्थित होटल के पास रह रहा था। सुंदर सिंह थाना गभाना का हिस्ट्रीशीटर है और उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 36 ए पर अंकित है। 20 दिसंबर 2024 को थाना बन्नादेवी में वादी के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
बुजुर्ग ने बेटी की शादी के लिए खरीदा था प्लॉट
थाना बन्नादेवी क्षेत्र के साईं विहार, गुरुद्वारा नगर निवासी जवाहर सिंह ने करीब दो वर्ष पहले सारसौल क्षेत्र में बेटी की शादी के लिए प्लॉट खरीदने के लिए सुंदर सिंह और उसके साथी नितिन से 18 लाख रुपये में सौदा किया था। आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर सुंदर सिंह और उसके साथियों ने बैनामा कराने का झांसा देकर रुपये ले लिए। जब रुपये वापस मांगे गए तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। मानसिक तनाव में आकर जवाहर सिंह ने 20 दिसंबर 2024 को जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में बन्नादेवी थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
20 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय
हिस्ट्रीशीटर सुंदर सिंह का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई चर्चित आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। वर्ष 2020 में गभाना पुलिस ने भी उसे कुख्यात अपराधी बताते हुए गिरफ्तार किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद समेत विभिन्न जनपदों में धोखाधड़ी, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, चोरी, डकैती, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट, सरकारी जमीन पर कब्जा, आबकारी अधिनियम जैसे कई गंभीर अपराध से जुड़े करीब 24 मुकदमे दर्ज हैं।