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हिंदूवादी नेता की पौत्री को सांता कैप पहनाने पर बखेड़ा

Sat, 23 Dec 2017 02:39 AM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
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पत्रकारो से वार्ता करते सत्य प्रकाश नवमान साथ में सौरभ चौधरी। - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा के पूर्व विधायक स्व. के के नवमान की प्रपौत्री को आगरा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल जूनियर विंग में सांता क्लॉज टोपी पहनाने से बखेड़ा खड़ा हो गया। बच्ची शिक्षिका पर मना करने के बावजूद सांता क्लॉज कैप पहनाने का आरोप लगा रही है। बच्ची के दादा एवं धर्म जागरण समन्वय के विभाग समन्वयक सत्य प्रकाश नवमान ने कहा कि वह इस संबंध में विधिक राय लेंगे। अभी तक अभिभावक द्वारा इस मामले में स्कूल प्रबंधन से शिकायत नहीं की गई है, वहीं स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है कि बच्ची पर कैप पहनने का कोई दबाव नहीं डाला गया।
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कक्षा पांच की छात्रा का कहना है कि घर से निकलते समय दादा व पापा ने कहा था कि सांता क्लॉज की ड्रेस नहीं पहनना। कोई पूछे तो कह देना कि वह हिंदू है। जब वह स्कूल पहुंची तो शिक्षिका ने पूछा तो बता दी कि वह हिंदू है। शिक्षिका ने उसे डांट कर दूसरे बच्चों से टोपी लेकर पहना दी। बच्ची के स्कूल से घर वापस आने के बाद दादा नवमान को इसकी सूचना मिलने के बाद वह भड़क गए। आनन-फानन में सूचना देकर पत्रकारों को बुला लिया और स्कूल प्रबंधन पर जबरन ईसाईयत लादने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वह अलीगढ़ में रह रहे हैं, इटली या पाकिस्तान में नहीं। 

उन्होंने हिंदू जागरण मंच द्वारा हिंदू बहुल स्कूल में क्रिसमस मनाने के विरोध का समर्थन किया। नवमान ने कहा कि ऐसी ही हरकतों के कारण मंच द्वारा स्कूलों से निवेदन किया गया था। जब उन्हें बताया गया था कि मंच द्वारा निवेदन नहीं चेतावनी दी गई थी तो उनका कहना था कि निवेदन एवं चेतावनी एक ही बात है। हम ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने हिंदू जागरण मंच का विरोध करने के लिए पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि वर्ष 2006 में बन्नादेवी थाना में 1 के बदले 10 को मारने की धमकी देने वाले जमीरउल्लाह शांति का उपदेश न दें। यह वही जमीरउल्लाह हैं, जिन्होंने बाबरी मंडी में हिंदू युवती को खींचकर ले जाने के आरोपियों को अपने घर में रखकर पुलिस को खुली चुनौती दी थी। इस मौके पर धर्म जागरण नेता सौरभ चौधरी भी मौजूद थे। 
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 टीचर ने बच्ची को प्रेमपूर्वक सांता क्लॉज कैप पहना दी। बच्ची का कहना था कि वह बैग में कैप लेकर आ रही थी, लेकिन परिजनों ने निकाल लिया। उसने यह नहीं कहा कि कैप नहीं पहनेंगे। स्कूल धर्म निरपेक्ष है। हम बच्चों को सिखाते है, सभी धर्म एक हैं। यह ऐसी बात नहीं जिसे तूल दिया जाए। प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा 2 तक के बच्चों ने क्रिसमस डे सेलिब्रेट किया। अभिभावकों को जो मैसेज भेजा गया था, उसमें कहा गया था कि क्रिसमस ड्रेस में बच्चे को भेज सकते है। यह अभिभावक की स्वेच्छा पर निर्भर था। स्कूल प्रबंधन द्वारा किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया था।
 रश्मि ग्रोवर, प्रिंसिपल,  दिल्ली पब्लिक स्कूल अलीगढ़

यदि बच्ची की मर्जी के खिलाफ सांता क्लॉज कैप पहनाया गया है तो गलत है। किसी भी संस्कृति को किसी के ऊपर जबरन नहीं थोपना चाहिए।
- संजीव राजा, शहर विधायक

हमारी संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती हैं। पार्टी का भी नारा सबका साथ सबका विकास है। बच्ची की मर्जी के खिलाफ यदि कैप पहनाई गई है तो उसकी जांच होनी चाहिए।
- अनिल पाराशर, कोल विधायक
गैर जरूरी चीजों को मुद्दा बनाया जा रहा है। स्कूलों में सभी धर्मों के त्योहार मनाए जाते हैं ताकि बच्चे सभी धर्म एवं संस्कृति को समझें। विविधता में एकता हमारे देश की पहचान है। त्योहार मनाने से धर्म परिवर्तन नहीं होता। स्कूलों को राजनीति से अलग रखना चाहिए।
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प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष पब्लिक स्कूल डेवलपमेंट सोसाइटी
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