अखिल भारतीय संत परिषद के राष्ट्रीय संयोजक यति नरसिंहानंद सरस्वती बुधवार को अतरौली के गांव ककेथल पहुंचे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अस्तित्व खतरे में दिखाई देता है। धर्म की रक्षा के लिए सभी धर्म गुरुओं को मां बगलामुखी और महादेव की साधना करनी चाहिए। हिंदुओं को ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि उनका और उनके परिवार का अस्तित्व केवल नेताओं के भरोसे न रहे।
ग्रामीणों ने उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और सनातन धर्म को मानने वालों की संतानों की रक्षा के लिए मां बगलामुखी का पांच दिवसीय यज्ञ 11 जुलाई से आरंभ किया गया है, जो 15 जुलाई को संपन्न होगा। समुदाय विशेष की बढ़ती हुई आबादी ने न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व के अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है।
इस दौरान कथावाचक देवेंद्र शास्त्री, हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती, डॉ. पूजा शकुन पांडे, आचार्य कपिल वशिष्ठ, ओमप्रकाश शर्मा, कपिल वशिष्ठ, ठाकुर केदार सिंह, प्रकाश कसेरा, गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण शर्मा, हिमांशु शर्मा, शिवम भारद्वाज, देवेंद्र शर्मा, टीटू शर्मा, मनवीर राकेश, महेश तिवारी, यशपाल सिंह, योगेश भारद्वाज, शिवम भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
मेरी हत्या कराने की साजिश: नरसिंहानंद
यति नरसिंहानंद सरस्वती बताया कि बंगलूरू के रहने वाले कार सवार तीन युवक उनकी हत्या के षड्यंत्र के तहत रामघाट आए थे। रामघाट थाना पुलिस की तत्परता के कारण हादसा टल गया। रामघाट बनखंडेश्वर महादेव मंदिर से यज्ञ करने के बाद रात्रि 9:30 बजे नरसिंहानंद की गाड़ियों का काफिला जैसे ही रामघाट कस्बे में पहुंचा तो सफेद रंग की क्रेटा गाड़ी ओवरटेक करती नजर आई। जिसे पुलिस ने घेर लिया। इन युवकों के मुस्लिम होने की जानकारी ही हड़कंप मच गया। रामघाट थाना पुलिस ने तीनों युवकों को थाने ले जाकर पूछतांछ की। युवकों ने बताया कि वह मुरादाबाद से गाड़ी खरीद कर बंगलूरू जा रहे थे। रास्ता भटक जाने की वजह से रामघाट तक पहुंच गए। दूसरी तरफ यति नरसिंहानंद सरस्वती ने पत्रकारों को बताया कि यह जिहाद से जुड़े हुए लोग हैं। ये लोग उनकी हत्या करना चाहते थे।