मामले में टप्पल के मुकदमे में विवेचक ने यहां तक रिपोर्ट लगा दी कि बच्चे को महिला व उसके पति की सहमति से मथुरा के ही एक दंपती को गोद दे दिया गया है, लेकिन उसके साक्ष्य दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किए।
अलीगढ़ में टप्पल के गांव नागल कला की महिला का डेढ़ वर्षीय पुत्र शुभम को अब जिला पुलिस खोजकर लाएगी। महिला की याचिका पर हाईकोर्ट ने जिला पुलिस को आदेश दिया है कि बच्चे को 14 जुलाई को हाईकोर्ट में पेश किया जाए। यह मामला दंपती विवाद में बच्चे को मां से अलग करने का है, जिसमें महिला ने अपने बच्चे को बेचने का आरोप पति व ससुरालियों पर लगाया था।
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टप्पल में पिछले वर्ष 31 जुलाई को मुकदमा नागल कला के भगत सिंह ने दर्ज कराया। इसमें अपनी बहन कविता के पति बल्देव मथुरा के गांव भरतिया के लोकेंद्र व ससुरालियों को नामजद किया। इसमें कहा कि उनकी बहन की शादी 27 नवंबर 2022 को जट्टारी के गेस्टहाउस में हुई। शादी के बाद से ही दहेज में कार व प्लॉट के लिए बहन का उत्पीड़न शुरू हो गया। कई बार सुलह के बाद उसे ससुराल में रखा गया। बाद में उस पर देवर से संबंध बनाने का दबाव डाला।
विवाद में पता चला कि लोकेंद्र पहले से शादीशुदा व एक बच्चे का पिता है। इसके बाद कविता से एक कागज पर हस्ताक्षर कराकर उसका दो माह का बच्चा मार्च 2024 में छीनकर उसे बंधक बनाकर मारने का प्रयास हुआ। बाद में वे उसे अपने साथ ले आए। मथुरा में मुकदमा न होने पर वे हाईकोर्ट गए। बाद में टप्पल में मुकदमा दर्ज हुआ। तब से बच्चा वापस नहीं मिला।
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मामले में टप्पल के मुकदमे में विवेचक ने यहां तक रिपोर्ट लगा दी कि बच्चे को महिला व उसके पति की सहमति से मथुरा के ही एक दंपती को गोद दे दिया गया है, लेकिन उसके साक्ष्य दस्तावेजी साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किए। इसी मामले में महिला फिर हाईकोर्ट गई। जिसमें बच्चे के विषय में अपील दायर की। इसकी सुनवाई करते हुए अब हाईकोर्ट ने एसएचओ टप्पल को निर्देशित किया है कि वे बच्चे को 14 जुलाई को कोर्ट में पेश करें। साथ में सभी पक्षों को भी पेश करें। जिनके पास बच्चा है, उनको भी पेश करें। इस आदेश में एसएसपी को भी आदेश का पालन कराने के संबंध में निर्देशित किया गया है।