उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के बड़े बकाएदारों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। मूलधन के दोगुने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका को कोर्ट ने नौ सितंबर को खारिज कर दिया। फैसले के बाद बैंक के बकाएदारों से नियमानुसार वसूली का रास्ता साफ हो गया है।
अकराबाद क्षेत्र में बैंक के 407 बकाएदारों पर करीब 15 करोड़ 92 लाख रुपये बकाया हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक अरविंद मुदगल और शाखा प्रबंधक पंकज कुमार यादव ने बताया कि कुछ बकाएदारों ने कमेटी गठित कर वसूली पर रोक लगाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश अरुण कुमार और न्यायमूर्ति अरुण भंसाली की पीठ ने सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने कहा कि यदि बकाएदार किसान समय से किस्तों का भुगतान करते रहते तो उन पर ब्याज का अतिरिक्त भार नहीं पड़ता। उन्होंने किसानों से बैंक का बकाया समय पर जमा करने की अपील की, जिससे आगे किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।