सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद पर फैसले के बाद आज 6 दिसंबर महानगर में हाई अलर्ट के तहत कड़ी चौकसी के बीच मनाया जाएगा। सूबे के 12 अतिसंवेदनशील शहरों में शामिल अपने शहर में निषेधाज्ञा लगाकर ग्रीन स्कीम के तहत सेक्टर स्कीम लागू कर शहर को 26 सेक्टरों में बांटा गया है।
यह व्यवस्था बृहस्पतिवार से ही लागू कर दी गई है और शनिवार तक लागू रहेगी। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनाती के साथ-साथ सर्वाधिक निगरानी सोशल मीडिया पर रखी जा रही है और जिले में सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले कुल 278 लोगों की लगातार निगरानी रखी जा रही है।
जरूरत महसूस हुई तो इन्हें घर में ही नजरबंद भी किया जाएगा। किसी को किसी भी तरह की गड़बड़ी, कोई आयोजन या किसी तरह की बयानबाजी जारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी ने कोई हरकत की तो सीधे रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
छह दिसंबर को दोनों पक्ष अब तक अपने-अपने तरीके से काला दिवस व शौर्य दिवस के रूप में मनाते आए हैं। यह पहला मौका है, जब विवाद पर फैसला आ गया है और 2 दिसंबर को डीएम-एसएसपी की मौजूदगी में हुई बैठक में यह तय हुआ है कि कोई किसी पक्ष से आयोजन नहीं होगा। बावजूद इसके एहतियातन शहर में कड़े सुरखा इंतजाम रखे जा रहे हैं।
बृहस्पतिवार से ही शहर में सेक्टर स्कीम लागू कर दी गई है। सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट/पुलिस अधिकारी अपने-अपने इलाकों में भ्रमणशील हैं। शांतिपूर्ण दिन बीतने के बाद अधिकारियों ने देर रात को शुक्रवार की रणनीति तय की। सुरक्षा के लिहाज से दो कंपनी अतिरिक्त आरएएफ, दो कंपनी पीएसी के अलावा देहात से थाना प्रभारियों व पुलिस दफ्तरों से ड्यूटी लगाई गई हैं।
एडीएम सिटी के कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया। जहां से पल-पल की रिपोर्ट मजिस्ट्रेटों से ली गई। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, धार्मिक स्थलों के पास खुफिया पुलिस तैनात रही। डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी आकाश कुलहरि ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनपदवासियों से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की। उन्होंने अपील की कि अराजक तत्वों का साथ न दें। सोशल मीडिया पर सद्भाव का प्रचार करें। जिस प्रकार अयोध्या फैसले के बाद शांति व्यवस्था कायम रख नजीर पेश की थी, एक बार फिर से उसी नजीर को दोहराने का समय है।
इसके साथ ही छह सेक्टर मजिस्ट्रेट रिजर्व में रखे गए हैं। सभी तरह का जुलूस, प्रदर्शन, जश्न, विरोध पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जा चुका है। इन आदेशों की अवहेलना करने और अराजकता फैलाने वालों पर सीधे रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी भ्रामक प्रचार-प्रसार करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में ड्रोन कैमरे से निगरानी कराए जाने की व्यवस्था की गई है। धार्मिक स्थलों पर खुफिया पुलिस को तैनात कराया गया है। इधर, पुराने शहर में पुलिस की पैदल गश्त भी कराई गई।
- जनपद में धारा 144 लागू है। पीस कमेटियों की बैठक थानावार कराई जा चुकी हैं। शहर को 26 सेक्टरों में बांटा गया है। किसी तरह के आयोजन की किसी पक्ष को अनुमति नहीं है। कोई करता है तो सीधे कार्रवाई होगी।
-चंद्रभूषण सिंह, डीएम
- शहर में सर्किल वार सोशल मीडिया सेल एक्टिव हैं। कुल 278 ऐसे लोग हैं, जिनके सोशल मीडिया एकाउंट व उनकी निजी गतिविधियां पुलिस के रडार पर हैं। उनकी किसी गलत गतिविधि पर उन्हें नजरबंद भी किया जा सकता है। यह लोग पाबंद भी किए जा सकते हैं।
-आकाश कुलहरि, एसएसपी
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों पर निगरानी
जिले की सभी सीमाओं और सभी प्रमुख हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ ही शहर व देहात के सभी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटलों, सरायों, आउट स्कर्ट में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी प्रकार की जरूरत महसूस होने पर इंटरनेट सेवा, स्कूल और कॉलेजों को बंद कराया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था की कमान एसडीएम, तहसीलदारों को सौंपी गई है। जीआरपी इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के मुताबिक रेलवे जंक्शन पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेनों में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती के साथ ही स्टेशन पर निगरानी। यात्रियों पर सतर्क निगाह रखना शुरू कर दिया है। पटरियों पर आकर प्रदर्शन करने या रेल संचालन में किसी भी प्रकार से बाधा पैदा करने वालों पर सीधे रासुका की कार्रवाई करने का निर्देश हुआ है।