भाजपा नेताओं के दो गुटों के बीच फायरिंग में एक पक्ष के आरोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र प्रताप उर्फ पिंका ठाकुर के खिलाफ जमानत निरस्तीकरण अर्जी दायर की गई है। इसमें पिंका पर तथ्य छिपाकर जमानत अर्जी दायर करने का आरोप है।
कहा गया है कि उसकी ओर से फायरिंग में दो राहगीर महिला शिक्षिकाएं भी जख्मी हुई थीं, जो विवेचना में उजागर हुआ, मगर जमानत अर्जी में यह तथ्य नहीं लाया गया। इस पर अदालत ने पिंका पक्ष को नोटिस जारी कर 4 अगस्त तारीख नियत की है।
भाजपा नेता लालजी वर्मा की ओर से अधिवक्ता अनूप कौशिक द्वारा जिला जज की अदालत में जमानत अर्जी दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि 22 नवंबर 2021 की घटना में उनके बेटे राजीव के गोली लगी थी, जिसका मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में आरोपी पिंका को 4 जुलाई को जमानत दी गई है। जमानत अर्जी में सिर्फ राजीव को गोली लगने का उल्लेख है, जबकि घटना में दो राहगीर शिक्षिकाएं दिया अग्रवाल व काजल शर्मा भी गोली से जख्मी हुई थीं, जिनका मेडिकल कॉलेज में उपचार हुआ और पुलिस विवेचना में यह तथ्य व उनकी गवाही शामिल है। जमानत अर्जी में यह तथ्य छिपाया गया है। अधिवक्ता अनूप के अनुसार अदालत ने अर्जी स्वीकारते हुए पिंका सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी कर 4 अगस्त तारीख नियत की है। बता दें कि जमीनी विवाद में हुई दोतरफा फायरिंग में पिंका भी गोली से जख्मी हुआ था।