साहिबाबाद में पुलिस ने ट्रक खंगाला तो इसमें बनाए गए एक केबिन में छिपाया गया गांजा मिला। पकड़े गए तस्कर हाथरस के सासनी के गांव विधेपुर निवासी विपिन पंडित और हरियाणा गुरुग्राम के धारा कॉलोनी निवासी प्रदीप हैं। विपिन गिरोह का सरगना है, जो पहले चालक था। ज्यादा कमाई के लिए वह अलीगढ़ में गांजा तस्करी करने लगा।
ट्रक में नमक के कट्टों के नीचे छिपाकर लाया जा रहा 2.20 क्विंटल गांजा क्राइम ब्रांच ने बरामद किया है। इसकी बाजारी कीमत 1.10 करोड़ रुपये है। क्राइम ब्रांच ने सरगना समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। साहिबाबाद में पुलिस ने ट्रक खंगाला तो इसमें बनाए गए एक केबिन में छिपाया गया गांजा मिला। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए तस्कर हाथरस के सासनी के गांव विधेपुर निवासी विपिन पंडित और हरियाणा गुरुग्राम के धारा कॉलोनी निवासी प्रदीप हैं। विपिन गिरोह का सरगना है, जो पहले चालक था। ज्यादा कमाई के लिए वह अलीगढ़ में गांजा तस्करी करने लगा।
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तस्करी की पूरी जानकारी करके उसने अपना अलग गिरोह बना लिया। इसके बाद वह उड़ीसा से गांजा लाकर दिल्ली एनसीआर में तस्करी करने लगा। विपिन पूर्व में अलीगढ़, आगरा और फिरोजाबाद से जेल जा चुका है। एडीसीपी अपराध का कहना है कि इनके गिरोह के अन्य तस्करों की जानकारी की जा रही है।
उड़ीसा में किसान से खरीद लेते हैं खेत
पूछताछ में तस्कर विपिन ने बताया कि वह उड़ीसा के गंजाम के गांव ब्रह्मपुर में किसानों के जरिये गांजे के खेत कम कीमत पर खरीद लेते हैं। जिसे वह पश्चिमी उत्तरप्रदेश व दिल्ली एनसीआर में सप्लाई करते हैं। इसके साथी प्रदीप ने बताया कि वह पहले मजदूरी करता था। ज्यादा कमाई करने के लिए वह विपिन और चौटाला के संपर्क में आया और तस्करी करने लगा।
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किराये पर ट्रक लेकर कर रहे थे तस्करी
पूछताछ में सामने आया कि विपिन के खुद के दो ट्रक थे। जिन्हें वह तस्करी में इस्तेमाल करता था, लेकिन पूर्व में दोनों ट्रक अलग-अलग स्थानों पर पकड़े गए थे। इसके बाद उसने किराये पर ट्रक लेकर तस्करी करना शुरू कर दिया। गांजा छिपाने के लिए उसने 25 हजार रुपये का नमक खरीदा था। अकसर नमक, सब्जी और कबाड़ के बीच में छिपाकर गांजा लेकर आते हैं।