पुलिस के जानकार बताते हैं, अब किसी भी घटनास्थल पर पहुंचने पर बारीकी से जांच करने पर कोई न कोई तकनीकी सुराग मिलता है। साथ में पुलिस को भी बीएनएस में वीडियो साक्ष्य बनाने के निर्देश हैं।
ताजा इन घटनाओं में साक्ष्य लिए घूम रहे पीड़ित
-जनवरी 2025 में नगला मान सिंह के रमेश संग बैंक से रुपये निकालकर जाते समय कंपनी बाग के पास रुपये छीने। पीडि़त ने सीसीटीवी जुटाए।
-फरवरी 2025 में जलालपुर के पास पिता संग जा रही बेटी से तमंचा दिखा मोबाइल छीना गया। पीडि़त सीसीटीवी लिए घूम रहा।
-नवंबर 2024 में हमजा कालोनी के शहनवाज के घर में बंधक बनाकर लूट हुई। इस घटना में पीडि़त ने सीसीटीवी जुटा लिए।
-सितंबर 2024 में संजय गांधी कालोनी के राजबहादुर से एटीएम से रुपये निकालते समय 25 हजार रुपये ऐंठे गए। पीड़ित ने सीसीटीवी जुटा लिए।
आज तक नहीं खुलीं ये पुरानी घटनाएं
- फरवरी 2019 में एएमयू के पास निजी कॉलेज के छात्र सैफ की हत्या
- सितंबर 2020 में डोरीनगर से गोपाल के इकलौते बेटे की अपहरण/हत्या
ये दो इनामी आज तक फरार
- सऊद अहमद सिद्दीकी निवासी टांडा अंबेडकर नगर। दुर्दांत अपराधी मुनीर का दाया हाथ है। अलीगढ़ की सहित नौ गंभीर घटनाओं में आरोपी। डीजीपी स्तर से 2015 से 50 हजार का इनाम। यूपी का मोस्ट वांटेड।
- पप्पू इतवारी निवासी जहराना, चंडौस। वर्ष 2008 में गांव की किशोरी संग दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोपी। 20 हजार का इनाम घोषित है।