हैलो, मैं बिजली विभाग से बोल रहा हूं। आपका बिल बकाया है, कब भरोगे? ये सवाल फोन पर एक बिजली कर्मचारी ने पुराने बकायेदार से किया। इस पर ग्राहक से जवाब दिया, हां पता है... जब पैसे होंगे तब भर देंगे।
कर्मचारी ने फिर कहा, जल्दी भर दो, नहीं तो कनेक्शन काटना पड़ेगा। ग्राहक भड़का और बोला कि ऐसे कैसे काट दोगे? इतनी बिजली तो हमने जलाई ही नहीं। बिल ही ज्यादा भेज रहे हो। इसी तरह के जवाब इनदिनों बिजली कर्मचारियों को सुनने को मिल रहे हैं क्योंकि इन्हें निर्देश है कि जिनके पांच हजार रुपये से अधिक राशि के बिल बकाया है, उन्हें फोन कर जल्द से जल्द भुगतान के लिए कहा जाए।
कर्मचारियों के पास बकायेदार ग्राहकों की सूची है जिसमें दर्ज नंबर पर उन्हें फोन करना पड़ रहा है। फोन उठते ही पहले वे बकाया बिल की जानकारी देते हैं और फिर जल्द भुगतान की अपील कर रहे हैं। जवाब में कहीं उपभोक्ता जल्द बिल जमा करने का भरोसा दे रहे हैं तो कहीं बिल की रकम को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बिजली विभाग के कर्मचारी सुरेश वर्मा ने बताया कि एक फोन पर ग्राहक ने उसे जवाब दिया कि अभी उसके पास पैसे नहीं हैं, जब हो जाएंगे, तब भुगतान कर देंगे। कर्मचारी ने हंसते हुए बताया कि जब उसने पूछा कि अगर नहीं हुए तो, इस पर ग्राहक ने जवाब दिया कि नहीं हुए तो नहीं हुए। मैं क्या शरीर चिरवा कर दूंगा। इतना ही नहीं, कई बार कर्मचारी की बात पूरी होने से पहले ही ग्राहक फोन काट देते हैं।
एक अन्य कर्मचारी विनोद ने बताया कि दोबारा संपर्क करने पर उपभोक्ता कहते हैं कि अभी व्यस्त हूं, बाद में बात करना। कुछ उपभोक्ता बकाया राशि सुनते ही कहते हैं कि उनका बिल अधिक आया है। कर्मचारी उन्हें पहले बकाया जमा करने और बिल में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर शिकायत दर्ज कराने की बात समझा रहे हैं।
पांच हजार से अधिक वालों पर नजर : बिजली निगम ने बकाया वसूली के लिए पांच हजार रुपये से अधिक के बकायेदारों पर खास नजर रखी है। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को पहले फोन कर भुगतान के लिए कहा जा रहा है। इसके साथ ही निगम की टीमें घर-घर जाकर भी बकाया वसूल रही हैं।
7.85 लाख उपभोक्ताओं पर 58.36 करोड़ बकाया : जिले में करीब 7.85 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के करीब 2.90 लाख और ग्रामीण क्षेत्र के 4.95 लाख उपभोक्ता शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं पर करीब 58.36 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। इसमें शहर के उपभोक्ताओं पर 21.53 करोड़ और देहात के उपभोक्ताओं पर 36.83 करोड़ रुपये बकाया हैं।
बिजली निगम का जोर ऐसे उपभोक्ताओं पर है, जिन्होंने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है या जिन पर बड़ी रकम बकाया है। कॉलिंग अभियान के साथ टीमें भी वसूली के लिए सक्रिय हैं। बकाया बिल जमा न करने पर उपभोक्ताओं का कनेक्शन विच्छेदित कर दिया जाएगा।
-अरविंद नायक, मुख्य अभियंता