कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि भाजपा को देश की जनता ने प्रचंड बहुमत देकर मोदी को केंद्र में और योगी को प्रदेश में सत्ता सौंपी। लेकिन केंद्र सरकार ने रोजगार, फसलों के समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना बढ़ोतरी, किसानों की कर्ज माफी के नाम पर केवल धोखा दिया है।
मंदसौर में निहत्थे किसानों पर गोलियां बरसाई गईं। कौशांबी, बुंदेलखंड सहित कई जगहों पर किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। इसीलिए अब कांग्रेस ‘हक मांगो’ आंदोलन का आगाज कर रही है। उन्होंने नारा दिया ‘न कर्ज माफी, न रोजगार का मौका, प्रचंड बहुमत फिर भी प्रचंड धोखा...’।
प्रदेश अध्यक्ष गुरुवार को यहां ज्यूपिटर लॉज में जिला कमेटी की ओर से आयोजित किसानों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने टप्पल में किसान आंदोलन के दौरान पूरे देश में लागू सवा सौ साल पुराने भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन कराया था।
अब उनके कहने पर किसानों के हित में हक मांगो आंदोलन भी अलीगढ़ से शुरू किया गया है। तेलंगाना, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में जगह-जगह किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।
अंग्रेजों ने अंग्रेजी में, मोदी ने हिंदी में जनता को लूटा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद राज बब्बर ने किसानों और नौजवानों के साथ मैरिस रोड स्थित धर्मपुर कोर्ट ने गुरुवार को सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, नौजवानों, व्यापारियों और आम लोगों से केंद्र व प्रदेश सरकार की लोक हित विरोधी नीतियों व विसंगतियों को जाना और वादा किया कि वह विपक्ष में रहते हुए भी जनता के हितों की अनदेखी नहीं होने देंगे।
इस पूरे संवाद के दौरान राजनीतिक सभा जैसी कोई चीज नजर नहीं आई। सिर्फ जनता और राजबब्बर के बीच सामान्य लोगों की तरह बातचीत हुई। माहौल को और सहज बनाने के लिए राजबब्बर मंच पर न बैठ कर मंच की सीढ़ियों पर ही बैठ गए और बिना किसी संकोच के सबसे अपनी बात कहने को कहा।
संवाद से पहले अपने संक्षिप्त संबोधन में राजबब्बर ने कहा कि वह यहां पर राहुल गांधी का संदेश लेकर आए हैं। 14 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने की बात झूठी साबित हुई है। कर्जमाफी की घोषणा भी जुमला निकली। राज बब्बर ने हाथ उठवा कर पूछा कि जितने भी किसान यहां पर हैं, उनमें से कोई बताए कि किसी का कर्जा माफ हुआ क्या। इस पर सभी ने हाथ उठा कर कहा कि किसी का कर्जा माफ नहीं हुआ है। इससे पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विवेक बंसल ने कहा कि आज मंदसौर, महाराष्ट्र, कौशांबी में किसान मर रहा है। किसान को अपना दूध सड़कों पर फेंकने को मजबूर होना पड़ रहा है। आलू सड़ने के लिए छोड़ देना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो देश की हालत जल्द ही चरमरा जाएगी।
यह मुद्दे रखे लोगों ने राजबब्बर के समक्ष
प्रेमशंकर शर्मा ने कहा कि सन 2014 के बाद उनकी कृषि व्यवस्था चरमरा गई है। पैसे के लिए बैंक के चक्कर लगा-लगाकर थक गया हूं। न खाद है न बीज है। नोटबंदी के बाद सब कुछ तबाह हो गया है। अंग्रेजों ने अंग्रेजी में लूटा और मोदी ने हिंदी में जनता को लूटा।
जयदेव उपाध्याय ने कहा कि टमाटर में जितनी लागत लगती है, उतना पैसा नहीं मिल रहा है। यही स्थिति आलू की भी है। यूपीए सरकार के काल में आलू का एक्सपोर्ट भी हो रहा था, लेकिन अब वह भी बंद हो गया।
दीपक ठाकुर ने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि खेती बंद कर देनी पड़ी है। जमीन पट्टे पर उठा दी है। खर्चे ज्यादा हैं और आमदनी कम है। केंद्र सरकार ने वायदा किया था कि किसान को बगैर ब्याज का ऋण मिलेगा, लेकिन नहीं मिला।