तेज हवा के साथ हुई बारिश ने किसानों को भारी नुकसान हुआ है। धान की कटी पड़ी फसल खेतों में जलमग्न हो गई है। बारिश से दाना काला पड़ने के साथ उत्पादन में कमी आएगी। किसानों ने सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
गोंडा क्षेत्र में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई झमाझम बारिश से किसानों के खेतों में धान की कटी पडी फसल में भारी नुकसान हुआ है। वहीं कई जगह पकने को तैयार खड़ी धान की फसल भी तेज हवा के कारण जमीन के समतल हो गई है।
गांव पाइन्दापुर निवासी रालोद के जिला महासचिव धर्मेन्द्र ठकुरेला ने बताया कि अधिकतर किसानों की फसल कटकर जमीन में पडी हुई थी, बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और धान के पुआल पानी में डूब गए, उनके अनुसार ऐसे में धान की मात्रा कम निकलेगी, पैदावार पर भारी असर देखने को मिलेगा।
पशुओं के लिए चारे की कमी होगी। धान का दाना भी काला पड़ जाएगा और किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पडेगा। उन्होंने मांग की राजस्व विभाग जल्द सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा वितरित करे।
चंडौस में बारिश से खेतों में बाजरा व धान की कटी फसल में नुकसान हुआ है। किसानों ने तेज गर्मी पड़ने पर अभी हाल ही में बाजरा की फसल में पानी लगाया था, बारिश का होने से बाजरा गिरने के कगार पर पहुंच गया है, जो धान कटे पड़े है, उनमें भी नुकसान हुआ है।
अकराबाद क्षेत्र में बारिश से खेत-खलियानों को जलमग्न कर दिया है, जिससे खेतों में खड़ी व कटी पड़ी धान की फसल बर्बाद हो रही हैं। तेज हवा से पेड़ों पर लगे पक्षियों के घोसले गिर गए हैं। पशु पालकों की भी मुश्किल बड़ गई हैं।
बोले किसान
बारिश के कारण बाजरा और धान की फसल में नुकसान दिखाई दे रहा है। खेतों में फसल कटने के लिए तैयार खड़ी थी। नरेश तोमर जहराना।
किसानों को मौसम की मार लगातार झेलनी पड़ रही है। बारिश से कटा पड़ा धान और पुआल खेतों में जलमग्न हो गया है। भूपेन्द्र शर्मा अमृतपुर।
बारिश और तेज हवा से मेरे 30 बीघा खेत में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई है। गांव में किसान परेशान हैंष। संतोष कुमार, गांव आमामदापुर
पिछले सप्ताह हुई बारिश से फसलें जलमग्न हो गई थीं। अब दो दिन की बारिश फसलें जलमग्न होकर चौपट हो गई हैं। रामबाबू जिरौली हीरा सिंह
फसल में जब सिंचाई की आवश्यकता थी तब पानी नहीं पड़ा और अब खेतों में पानी भरने से फसलों में नुकसान हो रहा है। दिनेश कुमार