गर्मी अपने चरम पर है। कोरोना के वार के साथ अब हीटस्ट्रोक भी प्रहार कर रहा है। मलखान सिंह जिला अस्पताल में हीट स्ट्रोक के शिकार मरीज भी आ रहे हैं। अस्पताल के फिजीशियन डॉॅ. यशपाल रावल कहते हैं कि यह समय गर्मी में चरम समय है और इस समय शरीर में पानी की कमी होना सामान्य बात है। इसलिए विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
डॉ. यशपाल रावल कहते हैं मई महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है और तापमान बहुत बढ़ा हुआ होता है। इस समय वातावरण में आर्द्र्रता की मात्रा बहुत कम हो जाती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। महामारी के बीच ही जिला अस्पताल में अन्य बीमारियों के मरीज भी आ रहे हैं। इसमें हीट स्ट्रोक के मरीज भी शामिल हैं। ऐसे मरीजों को उपचार के साथ-साथ सामान्य परामर्श भी दिया जा रहा है। जिसमें खान-पान से लेकर घर से बाहर निकलने तक सभी प्रकार की सावधानियां शामिल हैं।
डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे मौसम में तले भुने खाद्य पदार्थों से बचना ही बेहतर है। अधिक से अधिक मात्रा में पानी, नींबू पानी और इसी तरह के अन्य पेय पदार्थ पीना लाभकारी है। दोपहर में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकला जाए। अगर निकलना ही है तो सिर पर टोपी और मुंह को किसी सूती अंगोछा से ढक कर ही निकला जाए तो बेहतर होगा। साथ में पानी की बोतल भी अवश्य रहे।
ज्यादा तापमान अच्छे मानसून के संकेत: प्रोफेसर अतीक
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर अतीक अहमद कहते हैं कि अभी तापमान और बढ़ेगा और यह इस बात का संकेत है कि अच्छा मानसून आएगा। उन्होंने कहा कि अभी अधिकतम तापमान 42 और 44 डिग्री सेल्सियस के बीच में चल रहा है। शनिवार को भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान भी 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 26 से 28 मई के बीच इसके चरम पर होने की उम्मीद है। इस समय पश्चिमी विक्षोभ समाप्त हो चुका है। इसका अर्थ यह है कि जिस प्रकार की गर्मी पड़ रही है ऐसी ही गर्मी अभी पड़ेगी। 4 जून को मानसून केरला के तट पर टकरा रहा है। अलीगढ़ जैसे मैदानी इलाकों में आने में उसको जून के आखिर तक का समय लगेगा।