कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए घर में झाड़ू लगाने से परहेज करें, उसकी जगह सोडियम हाइड्रोक्लोराइड के घोल युक्त पोंछा लगाना ज्यादा उचित है। यह बात एएमयू जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर मुजाहिद बेग ने कही।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला के साथ फेसबुक लाइव में प्रोफ़ेसर बेग ने कहा कि भारत की आबादी बहुत अधिक है और चिकित्सीय संसाधन बहुत सीमित हैं। इसलिए बचाव और नियंत्रण ही इससे निपटने में बहुत कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना वायरस को हराने में एक बहुत बड़ा हथियार है। घर में भी बेहद सावधानी बरतें और नियमित अंतराल पर हाथों को साबुन से धोते रहें। दरवाजा खोलना, मोबाइल उठाना या इसी तरह के अन्य कामों के लिए बाएं हाथ का प्रयोग करें और दाएं हाथ का प्रयोग भोजन करने जैसे कामों के लिए करें।
इसके अलावा शौचालय का उपयोग करने के बाद हाथों को जरूर धोएं। घर में बेडशीट, तकिये के कवर आदि को प्रतिदिन बदलें और उनकी धुलाई करें। घर के बाहर मास्क लगाकर ही जाएं। जहां तक संभव हो भीड़ से बचें। बाहर से जब भी घर में आएं, सबसे पहले अपने पहने हुए कपड़े धुलाई के लिए डाल दें और हाथों को भी धोएं। चेहरे पर लगाने के लिए मास्क सात से आठ रुपए में मिलता है, वह सबसे उपयोगी है।
प्रोफेसर बेग कहते हैं कि चादर तौलिए आदि को फटकारे नहीं, इससे डस्ट पार्टिकल उड़ेंगे और संक्रमण का खतरा हो सकता है। जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर भी बहुत एहतियात बरत रहे हैं। ड्यूटी के वक्त वह अपने सुरक्षा उपकरण पहने रहते हैं और ड्यूटी के बाद वह अपने एप्रिन आदि को उतार कर ही अपने कक्ष में जाते हैं। उन्होंने कहा यह संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है इसलिए लॉक डाउन का पालन करना बहुत जरूरी है। इसका गंभीरता से पालन किया जाए, तभी आप अपने परिवार को, समाज को, स्वयं को बचा सकते हैं।