अलीगढ़ और हाथरस के करीब 71 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के दूसरे दिन अफसरों ने प्रधान डाकघर के गेटों पर ताले डाल दिए। डाकघर में कोई बवाल न हो इसके लिए सिविल लाइन थाने की फोर्स बुला ली। बर्खास्त कर्मचारियों का कहना है कि जिस तरह से उन्हें बर्खास्तगी के पत्र दिए गए हैं, उनसे लग रहा है कि अफसर कई दिनों से इसकी योजना बना रहे थे।
शुक्रवार की सुबह झांसी के प्रवर डाक अधीक्षक वीके गुप्ता और प्रधान डाकघर के प्रवर डाक अधीक्षक गोविंद सिंह दफ्तर पहुंचे। उनके दफ्तर पहुंचे के साथ ही प्रधान डाकघर के सभी गेटों पर कर्मचारियों ने कोई बवाल न हो इसलिए ताले डाल दिए। इस बीच सिविल लाइन थाने का भी फोर्स पहुंच गया। सुबह से ही बर्खास्त कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर पहुंचना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने प्रधान डाकघर में अफसरों से मिलना चाहा लेकिन पुलिसकर्मियाें ने उन्हें रोक दिया। धीरे-धीरे प्रधान डाकघर कैंपस में कई दर्जन बर्खास्त कर्मचारी इकट्ठा हो गए सभी एक-दूसरे से बर्खास्तगी का कारण पूछ रहे थे। लेकिन किसी को भी बर्खास्तगी का कारण नहीं पता था। इस मामले में अफसरों ने मीडिया से भी दूरी बनाए रखी। उधर, डाकघर आए अन्य लोग पुलिस को देखकर कयास लगाने लगे कि डाकघर में कोई बात हो गई है, लेकिन बाद में उन्हें कर्मचारियों के बर्खास्त होने की जानकारी वहीं पुलिसकर्मियों ने दी।