चंदपा क्षेत्र में हुई इस घटना की विवेचना सीओ सादाबाद स्तर से की जा रही है। उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों को पूरे प्रकरण पर रिपोर्ट भेजी है, जिसमें घटना के बाद विवेचना में अब तक क्या क्या किया गया। इस बात की जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 14 सितंबर की घटना के बाद बेटी को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसकी जीभ कटी थी और गर्दन भी टूटी थी। इस पर उसके बयान दर्ज करने 19 सितंबर को कार्यवाहक सीओ सादाबाद महिला आरक्षियों संग आए तो पीड़िता की हालत बहुत ठीक नहीं थी। उसकी हालत देख बयान दर्ज करने वाली टीम भी भावुक हो गई। बिटिया इशारों-इशारों में खुद पर हमले और दरिंदगी की बातें ही बता सकी। जिस पर हमले के साथ-साथ 20 सितंबर को छेड़खानी की धारा बढ़ाई गई।
फिर मौजूदा सीओ सादाबाद मामले में 21 सितंबर को बयान दर्ज करने पहुंचे तो उस समय भी परिवार ने बता दिया कि अभी बिटिया की हालत ठीक नहीं है। इस पर सीओ 22 सितंबर को फिर महिला आरक्षी संग पहुंचे, तब बेटी ने इशारों-इशारों में अपने साथ हुई दरिंदगी को बयां किया। तब जाकर मुकदमे में दुष्कर्म की धाराओं को बढ़ा कर चारों आरोपियों को जेल भेजा।
हाथरस कांड को लेकर बसपा अध्यक्ष मायावती के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणी की जा रही हैं। इसके बाद से पुलिस भी जवाबी वार छेड़े है। हाथरस जिला पुलिस से लेकर आईजी रेंज तक अपने विभिन्न सोशल मीडिया एकाउंट्स की मदद से पोस्ट कर यह जानकारी दे रहे हैं कि इस मामले में चारों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। बिटिया के बयानों के आधार पर दुष्कर्म की धारा बढ़ाई जा चुकी है। परिवार की सुरक्षा से लेकर हर तरह की मदद का पुलिस ध्यान रखे हुए है। आगे भी आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।