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Hathras Case: आरोपियों के परिजनों से मिले एपी सिंह बोले-'सभी का नार्को टेस्ट किया जाए सारी सच्चाई सामने आ जाएगी'

Sat, 10 Oct 2020 05:32 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
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Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
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Hathras Rape Case: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा कोतवाली इलाके में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के मामले में रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता के घर सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। बिटिया के घर पर सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर लगने के बाद कुछ कथित रिश्तेदार वहां से गायब हो गए हैं। 
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इनमें इनकी एक भाभी भी बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन को अंदेशा है यह किसी संगठन से जुड़े लोग हो सकते हैं. जो कि परिजनों को भ्रमित कर रहे हो। इसे लेकर भी पुलिस और एसआईटी जांच में जुटी है।

                                           
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वहीं, निर्भया के दोषियों से लेकर राम रहीम, हनीप्रीत केस, राजस्थान का आनंदपाल आदि का केस लड़ने वाले वकील एपी सिंह हाथरस पहुंचे और उन्होंने आरोपियों के परिजनों से मुलाकात की। 

आरोपियों के परिवार से मिलकर वकील एपी सिंह ने कहा कि पूरी तरह से युवकों को झूठा फंसाया गया है। पुरानी रंजिशों की बदले उन्हें झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि 104 फोन कॉल ने खुद बयां किया है। 62 कॉल लड़की की तरफ से की गई है, इस पर कोई परिवार वाला नहीं बोल रहा है।
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वकील ने दुष्कर्म पर कहा कि सीएफएसएल रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट से साफ हो गया कि दुष्कर्म नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि नार्को टेस्ट होने दीजिए, उसे क्यों नहीं कराया जा रहा है। नार्को टेस्ट से सारी सच्चाई का पता चल जाएगा। आरोपी डरे हुए हैं, उन्हें लोगों ने बरगलाया हुआ है। उनको लोगों ने भड़काया है। 

वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया घटना के एक हफ्ते के बाद मामले में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई गई। पीड़िता और उसकी मां के शुरुआती बयानों में दुष्कर्म की बात कहीं नहीं कही गई थी। 

ये था पूरा मामला?
हाथरस के चंदपा कोतवाली इलाके के एक गांव में 14 सितंबर को चार लोगों ने 19 साल की युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किया था। जब बिटिया के साथ दरिंदगी हुई तब वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी। जीभ में चोट लगी थी, रीढ की हड्डी टूटी थी।  सुबह 11 बजे उसे हाथरस के जिला अस्पताल लाया गया, जहां से अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया।  22 सितंबर तक सामान्य तरीके से बिटिया का इलाज होता रहा, जबकि उसकी हालत काफी गंभीर थी। 23 सितंबर को बिटिया को वेंटिलेटर मिला। गंभीर हालत को देखते हुए  28 सितंबर को दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़ित की इलाज के दौरान मौत हो गई। पीड़िता के भाई की तहरीर पर चार युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 
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