इस मामले में प्रदेश सरकार ने 3 अक्तूबर को सीबीआई से जांच कराए जाने का फैसला किया था। चार अक्तूबर को सरकार ने इसके लिए डीओपीटी को निर्धारित प्रारूप में सिफारिश भेजी थी। शनिवार को डीओपीटी ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।
30 सितंबर को पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार के अनुसार पुलिस ने दबाव बनाकर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया। जबकि पुलिस का कहना है कि परिवार की इच्छा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल सीबीआई की टीम हाथरस पहुंचकर मामले की जांच में जुटेगी।