हाथरस कांड की जांच में जुटी एसआईटी दूसरे दिन सोमवार को भी अलीगढ़ में ही रही। हालांकि उसके सुबह से जेल पहुंचने का अनुमान था, मगर टीम दिन भर जेएन मेडिकल कॉलेज में ही डेरा डाले रही। जहां मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य व सीएमओ इमरजेंसी सहित अन्य तमाम स्टाफ के बयान दर्ज किए।
हाथरस मामले में जांच कर रही एसआईटी रविवार को ही अलीगढ़ पहुंची है। क्योंकि यहां युवती 14 सितंबर से 26 सितंबर की सुबह तक रही है। एसआईटी ने डॉक्टरों व स्टाफ से इसी विषय पर सवाल-जवाब किए कि पीडि़त मेडिकल कॉलेज में किस स्थिति में आई थी?
उस समय उसकी क्या हालत थी? उसके बाद क्या क्या उपचार दिया गया? ऐसे क्या हालात बने कि उसे दिल्ली भेजा गया? दुष्कर्म को लेकर किस तरह की जांच हुई और फॉरेंसिक परीक्षण किस तरह से किया गया समेत विभिन्न बिंदुओं पर एसआईटी सवाल करती रही।
इस दौरान प्रधानाचार्य, सीएमओ इमरजेंसी सहित उसके इलाज में शामिल रहे तमाम डॉक्टर व स्टाफ के बयान दर्ज किए। इस दौरान एएमयू अधिकारियों से भी वार्ता हुई। इस दौरान एएमयू प्रशासनिक भवन में टीम घंटों रही।