बिटिया के गांव के आसपास जातीय तनाव बरकरार है और बाहर से आ रहे नेताओं को सवर्ण समाज के लोग विरोध भी कर रहे हैं। राजनीतिक दल के लोग के बिटिया के परिवार मिलने आ रहे हैं। सोमवार को भी कई दलों के नेताओं ने बिटिया के परिवार से मुलाकात की।
वहीं, शनिवार की देर रात आम आदमी के विधायक बिटिया के परिजनों से मिलकर चुपचाप चले गए। बताते हैं कि यह विधायक कोरोना संक्रमित थे। इसकी जानकारी काफी समय तक किसी को नहीं हुई।
बाद में इसे लेकर जब चर्चा हुई तो लोग सहमे-सहमे भी दिखे। वहीं यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि बिटिया के परिवार ने किसी भी तरह की कोरोना जांच कराने से पहले ही इंकार कर दिया है।
दरअसल, आप विधायक कुलदीप कुमार 29 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। उन्होंने ट्वीट कर खुद इसकी जानकारी साझा की थी। जिस समय उन्हें होम आईसोलेशन में होना चाहिए था वो उस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ हाथरस पहुंच गए।
विधायक पीड़ित परिवार से मिले और ढांढस बंधाया। इस दौरान आप विधायक ने यूपी सरकार पर निशाना भी साधा था। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि योगी राज में कानून नहीं जंगल राज चल रहा है, ये लोकतंत्र और संविधान की हत्या है। उन्होंने कहा था कि योगी राज में उत्तर प्रदेश के अंदर रह रहे परिवारों में डर और भय का माहौल पैदा किया जा रहा है।