बिटिया के परिजनों का कहना है कि उन्हें शासन ने जो मदद दी है, वह उनको स्वीकार है। परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग कि वह अपनी घोषणा के अनुसार घर और सरकारी नौकरी भी दें। वहीं परिजनों का कहना है कि इस सिलसिले में तहसीलदार सासनी कुछ कागजात पर उनसे लिखवाकर भी ले गई हैं।
बिटिया के परिजनों को शासन ने 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, निवास और सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक मदद बिटिया के परिजनों को मिल चुकी है। इधर, बीच में यह वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें बिटिया के परिजन यह कह रहे हैं कि उन्हें मदद नहीं, न्याय चाहिए।
सूत्रों की मानें तो इस बारे में जानकारी हासिल करने के लिए तहसीलदार सासनी गांव गईं और वहां परिजनों से पूछताछ की। बिटिया के पिता का कहना है कि तहसीलदार आईं थीं और वह पूछ रही थीं कि उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है या नहीं तो हमने उनसे कहा कि हमें आर्थिक मदद की जरूरत है। बिटिया के पिता का कहना है कि परिवार को आर्थिक मदद की जरूरत है। सीएम ने हमसे मकान और नौकरी का भी वादा किया था। अभी यह वादा पूरा नहीं हुआ है। उनकी मांग है कि इस मामले में न्याय होना चाहिए।
खेत पर मजदूरों ने शुरू की बाजरे की कटाई
बिटिया के घर की सुरक्षा व्यवस्था जहां रोजाना की तरह चाक-चौबंद रही और पुलिस बल तैनात रहा। वहीं बिटिया के खेत पर बाजरे की फसल की कटाई भी शुरू हो गई है। यह काम मजदूर कर रहे हैं। बीच में प्रशासन से बिटिया के परिजनों ने इसकी अनुमति मांगी थी। कई दिन तक मजदूर नहीं मिले थे। अब फसल की कटाई शुरू करा दी गई है। इधर, एनएच से गांव को आने वाले रास्ते पर भी काफी पुलिस बल तैनात रहा।