अलीगढ़ जेल से आरोपियों द्वारा भेजे गए पत्र के मामले में बिटिया के पिता और अन्य परिवार वालों का कहना है कि उनके खिलाफ रोजाना साजिशें रची जा रहीं हैं। उनको फंसाया जा रहा है। इस तरह की साजिश से अच्छा है कि हमें जहर दे दिया जाए।
बिटिया के पिता, मां और अन्य परिजनों को जब यह बात बताई गई कि आरोपियों ने पत्र में खुद को निर्दोष बताया है। एक आरोपी संदीप ने खुद की दोस्ती उनकी बेटी के साथ बताई है। पत्र में यह भी कहा है कि दोस्ती का विरोध उसके परिजन करते थे और इसी के चलते लड़की की मां और उसके भाई ने उसे जमकर मारापीटा था, जिससे उनके गंभीर चोटें आईं।
पत्र पर चारों आरोपियों की अंगूठा निशानी है। इस पत्र के बारे में बिटिया के पिता और अन्य परिवार वालों से पूछा गया तो उन्होंने इसे एक साजिश बताया। बिटिया के पिता का कहना था कि रोजाना हमारे खिलाफ साजिशें रचीं जा रहीं हैं। कभी मोबाइल नंबर की सीडीआर से यह बताया जा रहा है कि हमारे और आरोपी परिवार के बीच संपर्क थे। अब आरोपी की ओर से यह पत्र भेजा गया है। हमें न्याय चाहिए। इस तरह की साजिश से बढ़िया है कि हमें जहर दे दिया जाए। हमारी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ, उसकी हत्या कर दी गई और हमें उसका चेहरा भी नहीं देखने दिया गया। जबरन उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। हमारे विरोधी लगातार हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। यह भी उसी साजिश का एक हिस्सा है।