बिटिया के घर पर सोमवार को भी सीआरपीएफ का कड़ा पहरा रहा। बिटिया की बहन और बुआ इस दौरान घर पर आए और दुख-दर्द साझा कर त्योहार की औपचारिकता निभाई। वहीं चारों आरोपियों से मिलने उनकी बहन जेल नहीं पहुंच सकीं। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि जेल में कोरोना के चलते कैदियों से मिलने पर प्रतिबंध लगा रखा है।
बिटिया की मौत को डेढ़ माह से ज्यादा हो चुका है। उसके घर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा है। सीआरपीएफ सोमवार को भी बिटिया के परिवार की सुरक्षा में मुश्तैद रही। भाई दूज के दिन बिटिया के घर पर कुछ रिश्तेदार आए। इनमें उसकी बहन, बड़े भाई के साले व अन्य रिश्तेदार भी शामिल थे। उसकी बुआ पहले से ही वहां थीं। परिजन सोमवार को मीडिया से दूर रहे। वहीं, चारों आरोपियों से उनकी बहनें अलीगढ़ में जेल में मिलने नहीं जा सकीं। आरोपी रामू की तो कोई बहन नहीं है, लेकिन संदीप, रवि व चौथा आरोपी, जिसे नाबालिग बताया जा रहा है, उनकी बहनें हैं।
सीबीआई न गांव आई और न ही पहुंची थाने
सीबीआई की टीम पिछले तीन दिन से न तो बिटिया के गांव आई है और न ही थाना चंदपा पहुंची है। ऐसे में इसे लेकर भी खासी चर्चा है कि कहीं सीबीआई अपनी जांच पूरी कर वापस तो नहीं लौट गई। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि त्योहार के बाद अब फिर एक-दो दिन में सीबीआई अपनी गतिविधि तेज कर सकती है और गांव आ सकती है।