हाथरस कांड की पीड़िता के परिजन अब जल्द से जल्द इस गांव को छोड़ना चाहते हैं। उनका कहना है कि ऐसे में जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो आखिर हम यहां कैसे रह सकते हैं? उनका यह भी कहना है कि सीबीआई ने जिस तरह से उनके केस में चार्जशीट लगाई है, ऐसे में अब लगता है कि हमें इंसाफ मिलेगा।
वहीं, सीआरपीएफ बिटिया के घर पर तैनात रही। बिटिया के परिजनों का कहना है कि यहां का माहौल हमारे अनुकूल नहीं है। हमारी बेटी कई दिन तक अस्पताल में तड़पती रही लेकिन गांव से उसे कोई देखने नहीं गया। आस-पास के 20 गांव के लोगों ने उनके खिलाफ पंचायत और की।
जब 20 गांव के लोग हमारे खिलाफ हैं तो हम यहां कैसे रह सकते हैं? उनका यह भी कहना है कि सरकार ने नौकरी और आवास देने का वादा किया था लेकिन आज तक इस वादे को पूरा नहीं किया। कोई अधिकारी उनके इस सिलसिले में नहीं मिला।
उन्होंने यह मांग भी की कि सरकार उन्हें आवास दे तो दिल्ली में दे। उनका केस भी दिल्ली ट्रांसफर किया जाए। उनका कहना है कि हम दिल्ली जाकर अपना कोई काम धंधा कर लेंगे।